बस्ती। जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को स्टेट स्तर के दो पर्यवेक्षकों पहुंचे। अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं को जांचा। यह दो दिवसीय परीक्षण (एनक्वास) पर किया गया। टीम ने निरीक्षण के बाद संतुष्टि जताई। हालांकि, सफाई, भवन के रंगाई-पुताई कई अन्य बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए।
राज्य स्तर के दो पर्यवेक्षक डॉ. रोहित कुशीनगर, डॉ. मो. फैजान संतकबीरनगर सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता, अनुशासन एवं पारदर्शिता का परीक्षण किया।
यह परीक्षण राज्यस्तरीय मापदंडों नेशनल क्वाॅलिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) पर किया गया। टीम ने डॉक्टरों, वार्ड ब्वाय, एएनएम, बाल रोग विभाग, दवाओं के रख-रखाव, ओपीडी, लैब के कर्मचारियों से जानकारी की।
पर्यवेक्षकों ने पाया कि सफाई में कुछ खामियां हैं। ब्लीचिंग रजिस्टर नहीं बना था। भवन के रंग-रोगन में कमी दिखी। साथ ही दिवाल पर कई जगहों प्लास्टर छोड़ दिए थे। इसे सुधार के लिए कहा गया। लेबर रूम, ओटी में प्रसव संबंधी जानकारी ली गई। अभिलेख भी देखे। इसके बाद एसएनसीयू में पहुंची टीम ने वार्मर मशीन, बेड समेत अन्य सुविधाएं जांची। डॉ. पंकज शुक्ला से आवश्यक जानकारी ली।
पत्रावलियों के रख-रखाव और सफाई की जांच हुई। परिसर की सफाई, फिर ओपीडी भवन की जांच हुई। ओपीडी में बैठने की क्षमता कम पाई गई। इसके बाद पैथालॉजी में ब्लड जांच, फार्मेसी में उपलब्ध दवाएं देखी। वैक्सीनेशन और डिजिटल पर्चे की जानकारी ली। डॉ. आशुतोष शर्मा ने क्वालिटी संबंधित जानकारी दिए।
बायो मेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट की जांच की। स्टेट पियर असेसमेंट संपन्न होने पर अस्पताल कर्मचारियों, डॉक्टरों ने राहत की सांस लिए। क्वालिटी असेसमेंट स्टेट टीम ने कई बिंदुओं पर अस्पतालों की गुणवत्ता परखी। अस्पताल की व्यवस्था एवं गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए टीम के सदस्यों ने सुधार के लिए कई सुझाव भी दिए।