महराजगंज। काली माता मंदिर में हुई चोरी की घटना के बाद जहां पुलिस खुलासे में जुटी है, वहीं उसकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी थ्रेफ्ट टीम के एक सिपाही पर बेगुनाह व्यक्ति को हिरासत में लेकर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की है। रवट गांव स्थित काली माता मंदिर में शुक्रवार की रात चोरों ने धावा बोल दिया। मंदिर से करीब डेढ़ किलो वजनी दो चांदी के मुकुट चोरी कर लिए गए। सुबह घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। हैरानी की बात यह रही कि मंदिर में चढ़े 111 रुपये मौके पर ही पड़े मिले, जबकि कीमती मुकुट गायब था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
इधर, चोरी के खुलासे में जुटी एंटी थ्रेफ्ट टीम की कार्रवाई विवादों में आ गई है। आरोप है कि टीम में शामिल एक सिपाही ने चोरी के शक में देवरी पुरवा गांव निवासी मुन्नीलाल को हिरासत में ले लिया। परिजनों का कहना है कि थाने में उसकी पिटाई की गई और थर्ड डिग्री देकर जबरन जुर्म कबूल कराने का दबाव बनाया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, मुन्नीलाल मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है।पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को पुलिस मुन्नीलाल के घर पहुंची और उसे थाने बुलाया गया। वह दोपहर करीब 2 बजे खुद थाने गया, जहां शाम लगभग 6:30 बजे उसे छोड़ा गया। ग्रामीणों के अनुसार इस दौरान थाने में ही उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं।
घर पहुंचने के बाद रात में तबीयत और खराब हो गई। परिजनों ने सोमवार को मुन्नीलाल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रैया में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज हुआ। पीड़ित मुन्नीलाल का आरोप है कि थाने में मारपीट से उसके सिर में चोट लगी, जिसके बाद लगातार उल्टियां होती रहीं। मामले में ग्रामीणों ने एसपी से मुलाकात कर तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि एसपी ने हर्रैया थाने को पीड़ित का इलाज कराने और मेडिकल परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भी तलब की गई है। प्रभारी निरीक्षक हर्रैया तहसीलदार सिंह ने बताया कि क्षेत्राधिकारी ने दोषी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दे दिया है और कार्रवाई की जा रही है।