बस्ती। आत्महत्या की बेतहाशा बढ़ती घटनाओं ने पुलिस प्रशासन में खलबली मचा दिया है। एडीजी गोरखपुर मुथा अशोक जैन ने बस्ती सहित जोन के सभी एसपी को चार बिंदुओं पर पहल करने का निर्देश दिया है। पहला निर्देश यह है कि जनपद के ऐसे तीन थाना क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां सबसे अधिक आत्महत्याएं रिकॉर्ड होती हैं। इन क्षेत्रों को ‘अत्याधिक संवेदनशील’ मानकर विशेष निगरानी व निवारक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा, सभी जिलों को यह रिपोर्ट तैयार करनी है कि आत्महत्या करने वाले विवाहित थे या अविवाहित, ताकि पारिवारिक व सामाजिक दबाव से जुड़े पैटर्न को समझा जा सके। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण सभी घटनाओं को आयु वर्ग के आधार पर 0 वर्ष से कम, 10-20 वर्ष, 21-30 वर्ष, 31-40, 41-50, 51-60, 61-70 और 71-80 वर्ष आयु वर्ग में वर्गीकृत करना है।
जोन स्तर पर पिछले पांच सालों के आंकड़ों की समीक्षा के बाद जो तस्वीर सामने आई है, उसने पुलिस प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है। इनमें सबसे गंभीर स्थिति बस्ती जिले की है, जहां पांच वर्षों में आत्महत्या की घटनाएं 470 के आंकड़े को पार कर चुकी हैं। संवाद