रुधौली। कस्बे के स्वर्ण व्यवसायी अनिल सोनी के बेटे आदर्श सोनी की मौत का राज उसके फार्मेट मोबाइल और रेलवे ट्रैक तक पहुंचाने की गुत्थी में उलझ कर रह गया है। परिवार के लोग आदर्श की मौत की पहेली में उलझ गए हैं। वहीं, कस्बे में भी आदर्श की मौत के राज को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
बताते चलें कि नगर पंचायत रुधौली के गांधीनगर वार्ड निवासी 17 वर्षीय आदर्श सोनी पुत्र अनिल सोनी का तीन जून को संदिग्ध परिस्थितियों में वाल्टरगंज क्षेत्र के मनौली रेलवे फाटक स्थित रेलवे ट्रैक के पास घायल रूप में मिला था। इसके बाद रेलवे पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान आदर्श की मौत हो गई थी।
आदर्श के चाचा ओम सोनी ने बताया कि आदर्श तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और अयोध्या स्थित एक निजी पॉलीटेक्निक संस्थान में प्रथम सेमेस्टर का छात्र था। एक जून को उसकी परीक्षा थी, लेकिन जब वह परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचा तो इसकी जानकारी काॅलेज के एक अध्यापक ने आदर्श के पिता को दी। जब परिजनों ने उससे मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका फोन बंद मिला।
आदर्श के पिता सहित कुछ लोग तुरंत अयोध्या पहुंचे जहां आदर्श के कमरे पर उसका फोन स्विच ऑफ मिला। ऑन करने पर देखा गया तो उसका पूरा मोबाइल फार्मेट था।
अगले दिन दो जून को अयोध्या थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। लेकिन जब चार जून को बस्ती पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए आदर्श के शव का फोटो सामने आया तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई।
अब आदर्श का मोबाइल फार्मेट कैसे हुआ और वह अयोध्या से बस्ती रेलवे ट्रैक के पास तक कैसे पहुंचा, यही पहेली सुलझाने की कोशिश चल रही है।