बहादुरपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरौला में शुक्रवार को गांव की समस्या, गांव में समाधान कार्यक्रम के तहत चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई मुद्दों के निस्तारण के निर्देश दिए।
चौपाल में सबसे अधिक जल निकासी और गंदगी की समस्या उठाई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम स्तर पर जनसहयोग और प्रशासनिक तालमेल से ही इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चौपाल के बाद मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सार्थक अग्रवाल ने गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नालियों में जमी गंदगी और रास्ते पर फैले कूड़े को देखा और तत्काल बीडीओ घीसम प्रसाद को सफाई अभियान शुरू करने का निर्देश दिया। बीडीओ ने मौके पर सफाई कर्मियों को लगाकर सफाई कार्य आरंभ कराया।
जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए ममता दुबे के घर के पास सोख्ता निर्माण का निर्देश दिया गया क्योंकि नाली के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं थी। वहीं, रास्ते की समस्या पर सीडीओ ने सहखातेदारों के बीच आपसी सहमति बनवाने के निर्देश दिए ताकि मार्ग निर्माण में कोई बाधा न रहे। ग्राम पंचायत में बने इंटरलॉकिंग मार्गों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव के कार्यों की सराहना की और कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों आवश्यक हैं।
चौपाल के दौरान खाईनारा के स्वयं सहायता समूह द्वारा बायो फ्लॉक तकनीक से मछली पालन और कैथोलिया के समूह द्वारा मसाला व्यवसाय से की गई आर्थिक प्रगति को सीडीओ और डीएम ने सराहा। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। चौपाल में क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों से आई महिला समूहों की सदस्याएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। महिलाओं ने स्वच्छता, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं।
इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि सचिन दुबे, एडीओ पंचायत सुरेंद्र चौधरी, अवधेश, मिट्ठूराम, बीसीपीएम शिवभूषण श्रीवास्तव, सीमा यादव और नीरज लता सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।