बस्ती। मिलावटखोरों की धरपकड़ के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम अब विजिलेंस के साथ उतर चुकी है। इससे धंधेबाजों में हड़कंप है।
बताया जाता है कि गोपनीय तरीके से मिलावटी सामग्री बेचने वाली दुकानों की सूची बनाई गई है, जिसमें संबंधित धंधेबाज का नाम भी शामिल किया गया है। इसके लिए मंडलीय और जिला स्तरीय 10 सदस्यीय टीम मैदान में उतर गई है।
शासन ने आदेश दिया है कि सभी फूड इंस्पेक्टर अपने अपने क्षेत्र में सघन चेकिंग करते हुए सैंपल भरे और जब्तीकरण की कार्रवाई करें। खाने लायक सामग्री न रहे तो तत्काल नष्ट कराएं। इसमें किसी भी दशा में लापरवाही न हो। मिलावटी खाद्य पदार्थों को बिकने न दे। बताया गया कि त्योहार आते ही सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट तेज हो गई है।
इसे रोकने के लिए खाद्य विभाग की ओर से लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए कार्रवाई की जा रही। शहर से लेकर गांव तक सरसों तेल, दूध, पनीर, तेल, बेसन और छुआरा के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, लेकिन विभागीय टीम की सूचना पर दुकानदार भाग जा रहे हैं।
चीफ फूड इंस्पेक्टर के नेतृत्व में चल रही जांच: मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल सिंह टीम के साथ शहर और गांव में निरीक्षण कर रहे। टीम ने पनीर और एक मिश्रित दूध की जांच की। कई जगहों पर पनीर भंडार की स्थिति देखी। बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच संचालित कारखाना संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है। टीम ने कई किराना स्टोर का भी निरीक्षण किया।
यहां से सरसों के तेल का नमूना लिया और मिलावट के शक में नार्मल कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश पटेल, अजय, बृजेश, अंकिता, सुभेष आदि लोग शामिल रहे। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार सिंह ने बताया कि त्योहार पर मिलावट की जानकारी लोग अपने घरों पर भी कर सकते हैं।