संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय के अधीन फोरलेन, टू-लेन हाईवे बदहाल है। यहां सिर्फ टोल पर टोल वसूलने की मारामारी है। सड़कों की देखभाल के लिए जिले में एनएचएआई का कोई कैंप कार्यालय तक नहीं है। सबकुछ राम भरोसे है। यही वजह है कि लखनऊ-गोरखपुर और लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर जनपद सीमा में आए दिन हादसे हो रहे हैं।
गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर छावनी से पटेल चौक के बीच 40 किमी की दूरी में दो जगह पर टोल की वसूली हो रही है। यहां लोकल गाड़ियों से भी टोल वसूलने की शिकायत आए दिन मिलती है। टोल न देने पर कर्मचारी बाउंसर के साथ वाहन चालकों से भिड़ जाते हैं। जब यात्री सुविधा की बात आती है तो हर कोई पल्ला झाड़ लेता है।
जनपद सीमा में घघौआ से लेकर कांटे तक करीब 70 किमी इस फोरलेन की देखभाल भगवान भरोसे होकर रह गई है। निर्माण के दौरान एक दशक पहले तक यहां एनएचएआई के एक्सईएन स्तर का कार्यालय संचालित होता रहा।
इसके बाद यह कार्यालय हटा दिया गया। तभी से एनएचएआई के जिम्मेदार अधिकारी यहां नियमित रूप से नहीं बैठते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हिस्सा लेने गोरखपुर से एनएचएआई का कोई प्रतिनिधि पहुंच जाता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर किसी भी समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो पा रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
वर्तमान में सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन सड़क बस्ती सीमा में खस्ताहाल हो चुकी है। गड्ढों में पैच कार्य की चकती में काफी उभार है। यह सड़क के लेबल से ऊंचा होने के कारण यात्रा के दौरान वाहन को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। हर्रैया से गोटवा के बीच दोनों लेन पर सड़क से ऊंची बनाई गई कई चकती दुर्घटना का सबब बन रही है। भारी वाहनों को बहुत संभलकर चलाना पड़ रहा है। कार सवार राकेश कुमार ने बताया कि 80 से 90 किमी की रफ्तार मेंं वाहन चलते समय अचानक हिचकोले मिलने पर अनियंत्रित होने की आशंकाबढ़ जाती है। जबकि टोल वसूलने में एनएचएआई कोई रियायत नहीं कर रही है।
नहीं दिख रहा कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर और संकेतक ः लखनऊ-गोरखपुर और लुंबिनी-दुद्धी हाईवे पर यात्री सुविधा के दृष्टिगत एनएचएआई के कंट्रोल रूम का नंबर या टोल फ्री नंबर कहीं भी सार्वजनिक रूप से चस्पा नहीं है। टोल प्लाजा के साइन बोर्ड पर भी यह नंबर नहीं देखा जा रहा है। इससे यात्री असुविधा होने पर कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पा रहे हैं।