बस्ती। जिले में एलपीजी गैस की भारी किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं, होम डिलीवरी प्रभावित चल रही है। इससे कालाबाजारी भी बढ़ गई है। वहीं, लोग दोगुनी कीमत पर सिलिंडर खरीदने को मजबूर हैं। पांच से छह दिन तक लाइन लगाने के बाद भी सिलिंडर न मिलने पर उपभोक्ता मारे-मारे फिर रहे हैं।
इन दिनों जिले में एलपीजी गैस की भारी किल्लत से आम उपभोक्ताओं की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। घर-घर गैस पहुंचाने वाली होम डिलीवरी सेवा भी चरमरा गई है। जिससे लोगों को घंटों एजेंसी के बाहर कड़ी धूप व गर्मी में लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर नहीं मिल पा रहा, वहीं लोगों ने बताया कि दूसरी ओर खुले बाजार में दोगुनी कीमत पर गैस सिलिंडर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां गैस की नियमित आपूर्ति होती थी, वहीं अब हफ्तों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि होम डिलीवरी के नाम पर सिर्फ छला जा रहा है। 20 से 25 दिन में भी बुकिंग पर होम डिलीवरी नहीं हो रही है। इससे कालाबाजारी को बल मिल रहा है। लोगों ने कहा कि गैस की उपलब्धता गंभीर सवाल पैदा कर रहे हैं।
दूर-दराज के कस्बाई इलाकों में हालात और भी खराब हैं। महिलाओं को खाना बनाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार फिर से लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर लौटने को मजबूर हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, जहां एक ओर उपभोक्ताओं को 45 दिन के बाद ओटीपी मंगाने के बाद भी आधिकारिक दर पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर कुछ दुकानदार और बिचौलिए 2000 रुपये में सिलिंडर बेच रहे हैं। यह कीमत निर्धारित दर से लगभग दोगुनी है। शासन की नजरों से बचकर यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि जगह-जगह सड़क किनारे गैस की रिफलिंग की जा रही है, लेकिन न तो इसकी जांच हो रही है और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द गैस आपूर्ति सुचारू करने, होम डिलीवरी बहाल करने और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी बात कही है।
बता दें कि जनपद में भारत, इंडियन, एचपी तीनों कंपनियों की करीब 40 एजेंसियां संचालित हैं। सर्वाधिक संकट कटरा स्थित एजेंसी, स्टेशन रोड स्थित एजेंसी और रौतापार स्थित एजेंसी पर है। बताते हैं कि बुकिंग के बाद 20 से 25 दिन में भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। यहां भोर से ही लाइन लग रही। एक बार एजेंसी से यदि पर्ची कट गई तो गोदाम तक पहुंचने में गैस खत्म हो जा रहा है। वहीं, दूसरे दिन भोर से सिलिंडर लेने के लिए कतार लग रही है, फिर भी सिलिंडर हाथ नहीं आ पाता।
कभी आपूर्ति नहीं हुई तो कभी गाड़ी खराब हो गई आदि बहाने बनाकर जिम्मेदार उपभोक्ताओं के दर्द को और बढ़ा दे रहे हैं। वहीं, शिकायत पर भी कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है। केवाईसी, नंबर बदलने, ओटीसी के संजाल में फंसकर उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। एजेंसी के बाहर खड़े-खड़े उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे जा रहा है और हो-हल्ला के बाद पुलिस को बुलानी पड़ रही है।
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बोले उपभोक्ता
गौर ब्लॉक के डमरुआ जंगल से कटरा स्थित एजेंसी पर तीन दिन से केवाईसी और बुकिंग के लिए आ रहे हैं, मगर अभी तक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। सुबह से शाम तक बैठे रह जा रहे हैं, मगर न तो केवाईसी किए न ही सिलिंडर बुक करके पर्ची काटे। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
सावित्री देवी, उपभोक्ता
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सांऊघाट ब्लॉक क्षेत्र के पड़िया से कटरा स्थित एजेंसी पर बुकिंग के लिए पहुंची थीं। लाइन में लगने के बाद भी न तो बुकिंग हुई न ही केवाईसी हो सकी। तीन दिन से लगातार एजेंसी पर आकर चक्कर लगा रहे हैं। इतनी अव्यवस्था कहीं नहीं है। व्यवस्था में जल्द सुधार की जरूरत है।
मुराती देवी, उपभोक्ता
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कोट
शुक्रवार को 25 एजेंसियों पर 8792 सिलिंडर की आपूर्ति हुई थी। जिले में कुल 40 एजेंसियां सक्रिय हैं। जो बैकलाक है उसे खत्म करने की कोशिश हो रही है, चूंकि मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम आ रही है। नियमानुसार पर्ची कटवाकर सिलिंडर बंटवाया जा रहा है, जहां से शिकायतें आ रही हैं, निराकरण करवाया जा रहा है। यदि कहीं से कालाबाजारी की सूचना मिलती है तो वहां छापेमारी की जाएगी। दोगुना रेट पर सिलिंडर यदि कहीं से कोई बेचते हुए पकड़ा गया तो कड़ी कार्रवाई होगी।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ, बस्ती।
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जिले में एजेंसी पर एक नजरगैस एजेंसी की संख्या : 40
उपभोक्ता की संख्या : 5.99 लाख
बैकलॉक : 60 हजार उपभोक्ता
शुक्रवार को सिलिंडर मिला : 8792