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Basti News: पैरा मेडिकल स्टाफ के रवैये से भड़के थे परिजन, डाॅक्टर भी समय से नहीं पहुंचे

Fri, 27 Jun 2025 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। शहर के गायत्री मंदिर के पीछे रानी कांप्लेक्स के निकट स्थित बच्चों के निजी जेके हॉस्पिटल में भर्ती डेढ़ साल के मासूम की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अस्पताल संचालक और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गौड़ और पैरामेडिकल स्टाफ आरोपों से घिर गए हैं।
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परिजनों के अनुसार अस्पताल के स्टाफ का रवैया ठीक नहीं था। सुबह बच्चे की गंभीर स्थिति बताने के बाद किसी ने डॉक्टर को कॉल करके नहीं बुलाया। वह अपने निर्धारित समय दिन में 11 बजे ही राउंड पर आए। तब तक उनका बच्चा सीरियस हो चुका था।
पिता राधेश्याम का कहना है कि यदि डॉक्टर कॉल पर बुला लिए गए होते तो उनका बच्चा गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचता। उन्हें बच्चे के चेकअप के लिए बिल्कुल अंतिम क्षण में भेजा गया। वह भी बगैर मेडिकल सुरक्षा के परिजनों के भरोसे पर ले जाने की सलाह दी गई। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब उनके बच्चे को हृदय से संबंधित समस्या थी तो निमोनिया बताकर क्यों भर्ती रखा गया। तीन दिनों तक उनसे इलाज के बहाने अच्छी खासी रकम भी वसूल की गई। बच्चे की हालत जब ज्यादा बिगड़ गई तब हृदय की बीमारी की जानकारी दी गई। तब तक परिजनों के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। बहरहाल इन सभी बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
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तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच : सीएमओ डॉ. राजीव निगम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. एसवी सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके वर्मा व प्रशासनिक अधिकारी श्रवण कुमार शामिल है। यह टीम पांच दिनों के भीतर प्रकरण की जांच पूरी करके सीएमओ को रिपोर्ट देगी। संबंधित अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित इलाज की क्या व्यवस्था है। अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं, उससे यह पता चला है कि चिकित्सक के अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने के लिए वार्ड आदि की व्यवस्था है।
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