बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रकृति और परमात्मा का प्रदेश है। यहां समृद्धि, संस्कार, संस्कृति और युवा शक्ति की प्रधानता है। पहले इसी यूपी की देश के निचले पायदान के तीसरे नंबर पर गिनती होती थी। आठ साल में इतना बदलाव हुआ कि यूपी भारत में टॉप-टू का प्रदेश बनकर उभरा है। साढ़े आठ लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। हम दावे से कह सकते हैं कि यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बसहवां में अखिल भारतीय विद्या भारती की नई इकाई के शिलान्यास कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। लगभग एक घंटे के उद्बोधन में मुख्यमंत्री शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, एकता और एकात्मता पर केंद्रित रहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री ने अमृत महोत्सव में विकसित एवं समृद्ध भारत के आगामी 25 वर्ष की कार्य योजना तैयार करने का आह्वान किया है। बिना योजना के कोई भी कार्य सफल नहीं होता है।
व्यवसायी, शिक्षक या गृहस्थ कोई भी हो, उसे अच्छे भविष्य के लिए एक योजना बनानी पड़ती है। प्रधानमंत्री ने भी इस देश की तरक्की के लिए वही किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी देश आत्मनिर्भर, शक्तिशाली, सामर्थ्यवान तभी बनता है, जब उसके मूल में शिक्षा होती है। शिक्षा ही तरक्की का पहला पैरामीटर है। इसके बाद स्वास्थ्य फिर कृषि, कौशल विकास और फिर पर्यावरण हैं। भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री का पंच प्रण वाला सूत्र यही है। इन्हीं सूत्रों से मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए सुयोग्य नागरिक तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षालयों की है। 1947 में देश आजाद होने के बाद भी हम मानसिक गुलामी से जूझते रहे। अपने महापुरुषों, विरासतों को भूलकर विदेशियों की नकल करते रहे। आजादी के बाद विद्या भारती ने भारतीय विरासत, संस्कार, संस्कृति, परंपरा को जीवंत बनाने की पहल की।
नाना जी देशमुख ने गोरक्षप्रांत में गोरखपुर के पक्कीबाग में शिक्षण संस्थान की नींव रखी थी। शुरुआत में केवल पांच बच्चे थे। अब देश भर में विद्या भारती के 12 हजार से अधिक शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं। जहां पढ़कर निकलने वाले युवा विभिन्न क्षेत्रों में अहम योगदान दे रहे हैं।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारतीय विरासत को सम्मान दिलाने का काम किया है। 1953 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश, एक विधान, एक प्रधान, एक निशान का नारा दिया था। इसके लिए उन्हें शहीद होना पड़ा था। समय बदला तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया। यहीं नहीं, 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य-दिव्य मंदिर भी बनकर तैयार हुआ। प्रभु श्री राम स्वयं में धर्म हैं। वह भारतीयता के प्रतीक हैं।
सीएम योगी ने कहा कि भारत 400 वर्ष पहले तक अपने पुरुषार्थ पर दुनिया में पहले नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश था। विदेशी आक्रांताओं ने इस देश को लूटा है। हमें अपने महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। बहराइच में राजा सुहेलदेव ने एक हजार साल पहले सालार मशूद को परास्त किया था। हमने उनका भव्य स्मारक बनवाया। इस मौके पर आरएसएस के प्रांत प्रचारक रमेश जी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र जी, विधायक हर्रैया अजय सिंह, गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।