हरैया। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और तटीय क्षेत्रों में तेज हो रहे कटान के मद्देनजर जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्सना ने शुक्रवार को विक्रमजोत से दुबौलिया के बीच स्थित संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम विक्रमजोत विकासखंड के अति संवेदनशील पकड़ी संग्राम गांव पहुंचीं। यहां सरयू की तेज धारा से हो रहे कटान का जायजा लेने के बाद उन्होंने बाढ़ कार्य खंड के अभियंताओं को जियो बैग और पाइकोपाइन लॉन्चिंग सहित कटान रोधी कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी टेड़वा (बरसांव) स्थित बाढ़ शरणालय पहुंचीं और वहां राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने शरणालय में प्रकाश, पेयजल, शौचालय, मेडिकल किट और भोजन की उपलब्धता का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
दुबौलिया ब्लॉक के अन्य बाढ़ एवं कटान प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए डीएम ने उपजिलाधिकारी उमाकांत तिवारी और तहसील प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियां 24 घंटे सक्रिय रहें, नावों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और प्रभावित ग्रामीणों तक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ और कटान की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।