पुण्यतिथि पर याद किए गए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी 59वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। शनिवार को कांग्रेस नेता डऍ. मारूफ अली और राकेश पांडेय गांधियन के संयोजन में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने शास्त्री चौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद उनके योगदान पर चर्चा की।
डाॅ. मारूफ अली ने कहा कि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री का निधन 11 जनवरी 1966 को हुआ था। अपनी साफ-सुथरी छवि और सादगी के लिए प्रसिद्ध शास्त्री ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद नौ जून 1964 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वह करीब 18 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में भारत ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी।
कांग्रेस नेता राकेश पांडेय गांधियन ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का कार्यकाल बेहद छोटा था। मगर, उन्होंने अपने सरल स्वभाव और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर कई मिसालें कायम कीं। उन्होंने मुश्किल समय में देश की सत्ता संभाली थी और चुनौतियों का डटकर सामना किया। इसी कड़ी में साधू शरन आर्य, अवधेश सिंह, अतीउल्ला सिद्दीकी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री केे नेतृत्व में भारत ने 1965 की जंग में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। ताशकंद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 11 जनवरी 1966 की रात में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई थी।
इस दौरान गिरजेश पाल, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, रामधीरज चौधरी, गौरीशंकर, अनिल भारती, सद्दाम हुसैन के साथ ही विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, कांग्रेस नेता मौजूद रहे।