कटरा पानी टंकी की नहीं हुई सफाई व रंगाई-पुताई संवाद
बस्ती। नगर पालिका की ओर से शहर में साफ स्वच्छ पेयजल जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है, मगर, शहर में बने ओवरहेड टैंकों की डेढ़ साल से सफाई ही नहीं कराई गई है। नगर पालिका अधिकारी बजट न होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं दूषित पानी की सप्लाई से लोगों को सेहत को नुकसान का खतरा सता रहा है।
बता दें कि शहर में 15 नए-पुराने ओवरहैड टैंक और करीब 28 नलकूपों से नागरिकों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। इंदौर में दूषित जलापूर्ति की घटना के बाद भी नगर पालिका बस्ती की तरफ से अभी भी बड़े मुख्य ट्रांसमिशन ओवरहेड टैंकों की सफाई का कार्य शुरू नहीं कराया गया। इससे लोग जलापूर्ति व्यवस्था और शुद्धता पर सवाल कर रहे हैं। पालिका ने इन टैंकों की सफाई कब कराई थी, इसके बारे में अधिकारियों के भी जवाब अलग-अलग हैं।
ओवरहेड टैंकों के साथ मोहल्ले में जलापूर्ति पाइपलाइन की पड़ताल की गई तो इस तरह की लापरवाही सामने आई। अधिकांश मोहल्ले में बिछाई गई पाइपलाइनों को अभी गंदगी से निकाला नहीं गया है। नाले के गंदे पानी में डूबी पाइपलाइनों में लीकेज की जानकारी भी नहीं हो पा रही है। लोगों ने बताया कि इससे लोग जाने-अनजाने में दूषित जल का सेवन भी कर ले रहे हैं। वहीं नगर पालिका बजट का रोना रो रही है। अधिकारियों का कहना है कि धनराशि मिलने के बाद ओवरहेड टैंकों और जर्जर पाइपलाइनों की स्थिति सुधारी जाएगी।
ओवरहेड टैंक की रंगाई भी नहीं : शहर के आठ बड़े ओवरहेड टैंक की रंगाई तक नहीं कराई गई है। इससे टैंक दूर से बदरंग दिखते हैं। टैंक के नजदीक रहने वाले कटेश्वर पार्क निवासी संतोष ने बताया कि टैंक की सफाई कब कराई गई होगी उनकी जानकारी में नहीं है।
जलकल परिसर के अभिषेक, राहुल ने बताया कि टैंक की सफाई नहीं कराई जाती है। भिजीत सिंह ने बताया कि कभी-कभी पानी पीने लायक नहीं मिलता। कटरा के पास पेयजल के ओवरहेड टैंक को चालू हुए सालों हो गए, पर रंगाई कब हुई थी पता नहीं है।
छह माह से रिपोर्ट नहीं ले पाई नगर पालिका: जुलाई 2025 में शहर के विभिन्न मोहल्ले से 12 पानी सैंपल लिए गए थे। जांच के लिए सैंपल को जलनिगम के प्रयोगशाला में भेजे थे। वहां बताया गया कि जांच हो चुकी है, लेकिन 28 हजार रुपये के चलते रिपोर्ट नहीं दी गई है। छह माह से लोग बिना जांच रिपोर्ट प्राप्त हुए ही जलकल का पानी पी रहे हैं। करीब दो लाख लोग नपा के पानी पर आश्रित हैं।