परशुरामपुर(बस्ती)। बड़ौदा यूपी बैंक की मखौड़ा धाम की शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से पांच लाख रुपये का ऋण लेने वाला पावड़ निवासी व्यापारी सचिन मौर्य शाखा प्रबंधक की फरमाइश से तंग आ चुका था। किसी तरह बैंक से उसे पहली किस्त दो लाख 72 हजार रुपये मिल गए थे, मगर दूसरी किस्त के लिए उसे बार-बार बैंक बुलाया जाता रहा। हर बार कुछ न कुछ कमियां बताकर उसे परेशान किया जा रहा है।
सचिन का आरोप है कि बाद में शाखा प्रबंधक ने चपरासी के माध्यम से 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। इसके बाद उसने लखनऊ में सीबीआई से संपर्क साधा। तय रणनीति के तहत मंगलवार की शाम को वह रिश्वत की रकम लेकर बैंक पहुंचा। साथ में सीबीआई टीम के कुछ सदस्य भी थे। चपरासी ने जैसे ही 15 हजार रुपये हाथ में लिए सीबीआई ने पहले चपरासी अनिल कुमार को दबोचा, फिर शाखा प्रबंधक नवीन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इससे बैंक में हड़कंच मच गया।
मंगलवार की देर रात तक सीबीआई टीम मुद्रा लोन से जुड़ी सभी फाइलों को खंगालती रही। इस दौरान बैंककर्मियों को घर जाने की इजाजत नहीं दी गई। सीबीआई टीम दोनों को लखनऊ ले गई है। चर्चा तो यह भी है कि सीबीआई टीम मुद्रा लोन से जुड़े कुछ दस्तावेज अपने साथ भी ले गई है। बताया जा रहा है कि बैंक मैनेजर रोजाना अयोध्या से ड्यूटी करने आते थे। हालांकि इस संबंध में कोई भी बैंक कर्मचारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
सचिन की वेरता चौराहे पर मोटर वाइंडिंग की दुकान है। उसने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए बड़ौदा यूपी बैंक मखौड़ा धाम में पांच लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। पीड़ित का आरोप है कि पहली किस्त देने के बाद शेष रकम देने के लिए शाखा प्रबंधक नवीन सिंह और बैंक चपरासी अनिल कुमार परेशान करने लगे। उसका आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने साफ शब्दों में कहा कि बिना रिश्वत दिए दूसरी किस्त नहीं मिलेगी।
इसके बाद उसने पूरे मामले से सीबीआई को अवगत कराया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई के सीओ बीके सिंह के साथ अधिकारियों की टीम मखौड़ा धाम स्थित बैंक शाखा पहुंची। पहले से तय रणनीति के तहत सचिन रुपये लेकर बैंक शाखा पर पहुंचा था।