फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: बिना डॉक्टर पकड़े गए जांच सेंटरों पर बरस रही मेहरबानी, छले जा रहे मरीज

विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय।
विज्ञापन
बस्ती। जिले में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी ने अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। सीलिंग की सख्त कार्रवाई के बजाय महज कागजी नोटिस थमाकर विभाग ने जिस तरह मामले को रफा-दफा किया, उसी का नतीजा है कि बंद किए गए सेंटर अब गुपचुप तरीके से फिर से संचालित हो रहे हैं। विभाग की इस ढिलाई से जहां माफिया मालामाल हो रहे हैं, वहीं भोले-भाले मरीज छले जा रहे हैं।
विज्ञापन

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कुदरहा बाजार, कुसौरा बाजार, दुबौलिया और बहादुरपुर, विशेषरगंज, जिलेबीगंज समेत हर्रैया में छापेमारी के दौरान कुल, आठ ऐसे अल्ट्रासाउंड पकड़े गए थे, जहां डॉक्टर नहीं थे। हालांकि, मामले में दो केंद्रों से मशीन जब्त कर लिए थे। मगर शेष छह सेंटरों को नोटिस देकर बंद कराया गया था। यहां से न तो मशीन मंगवाई गई, न ही आगे की कोई कार्रवाई हुई। जानकारों ने बताया कि ऐसे में यहां गुपचुप तरीके से जांच का खेल जारी है। विभाग, भी सेंटर बंद होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है, इसी का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं।
इसी क्षेत्र में आठ माह पहले टीम ने छापा मारकर 10 से अधिक पैथोलॉजी की जांच की थी, जिसमें नौ अवैध पाए गए थे। यहां डॉक्टर भी नहीं थे। इन सेंटर संचालकों को मौखिक नोटिस देकर सीएमओ कार्यालय बुलाया गया था, मगर उसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। भानपुर, देईसाड़, जिला महिला अस्पताल के सामने भी बिना वैध डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं, जबकि पूर्व में यहां तीन से चार सेंटर अवैध तरीके से संचालित होते पकड़े गए थे। बताया गया कि विभाग के इस ढुलमुल रवैया के चलते अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथालॉजी के इस गिरोह पर कड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी से अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी बिना पंजीयन सक्रिय हैं। बताते हैं कि अक्सर इन सेंटरों से गलत रिपोर्ट भी जारी कर दिया जाता है, इससे मरीज की जान आफत में पड़ जाती है। सूत्रों के अनुसार, इन सेंटरों पर डॉक्टर के बजाय अप्रशिक्षित ही कार्य करते हैं। पैथोलॉजी की बात करें तो 90 के करीब हैं।
सरकारी डॉक्टर ही चला रहे अपना अल्ट्रासाउंड सेंटर : सूत्रों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथोलॉजी में बड़ा झोल है। सरकारी डॉक्टर ही अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी संचालित करा रहे। सरकारी ड्यूटी से छूटने के बाद सीधे वह अपने निजी सेंटर पहुंच जाते हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल और रोडवेज स्थित ऐसे सेंटर चल रहे हैं। बावजूद इसके विभाग इन सेंटरों पर जांच करने से बचता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें