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अमर उजाला शिक्षा अभियान: बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षक और अभिभावक कर रहे प्रयास, किया जा रहा मानसिक विकास

Sat, 02 Apr 2022 02:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती

सार

 प्रधानाध्यापक डॉ. शिव प्रसाद ने बताया कि नए सत्र शुरू हो गया है कोरोना काल के पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। जिसको लेकर दो सप्ताह तक एक से आठ के बच्चों के लिए वर्कसीट पर पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम को दोहरवाया जाएगा।
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स्कूल में तिलक लगाकर बच्चों का किया गया स्वागत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बस्ती जिले में कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों की मन:स्थिति में काफी कमी आई है। इसको लेकर अभिभावक और शिक्षक अपने-अपने स्तर पर प्रयास करके बच्चों के मानसिक विकास को मजबूत करने में लगे हैं। विद्यालय में और घर में बच्चों को अच्छा वातावरण मिले जिससे उनका मन पढ़ाई-लिखाई में लगे, इस दिशा में शिक्षक व अभिभावक तत्पर हो गए हैं।

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शुक्रवार से नया सत्र शुरू हो गया है। लॉकडाउन के कारण बच्चों को लंबे समय तक घरों में रहना पड़ा था जिससे बच्चों का खेलकूद, घूमना-फिरना, स्कूल जाना, दोस्तों से मिलना, सब एकाएक बंद हो गया था। वहीं, बच्चे मोबाइल और घर तक सीमित हो गए थे। लेकिन, अब बच्चे इस विपरीत स्थिति से मुक्त होने लगे हैं।

उनके व्यवहार और शरीर में कई बदलाव देखने को मिल रहे थे। बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, वजन बढ़ना जैसी कई समस्याएं होने लगीं थी। इसके अलावा कक्षा में देर तक बैठ न पाना, परीक्षा के दौरान थक जाना, जिद करना आदि समस्याएं अभिभावकों और शिक्षक दोनों के लिए परेशानी बनती जा रही थीं। उधर, कई बच्चे सिर दर्द, लिखने से हाथों में दर्द और आंखों में दर्द आदि की शिकायत से परेशान हो रहे थे। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों ने अपने-अपने स्तर पर वातावरण और व्यवहार में बदलाव कर बच्चों को पहले जैसी स्थिति में लाने को ठानी है।
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अभिभावकों ने बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल करने और टीवी देखने के समय को बहुत सीमित कर दिया है। वह बच्चों को घर से बाहर खेलने और दोस्तों से मिलने भी जा रहे है। वहीं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए अभिभावक ट्यूशन लगा रहे हैं। विद्यालय प्रशासन भी बच्चों को पढ़ाने का अपना रवैया बदल रहा है। बच्चों को कक्षाओं में सरल बनाने के लिए बातचीत, अंत्याक्षरी, और छोटे छोटे विषयों पर परिचर्चा कराके कक्षाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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लोगों ने क्या कहा...

दीसीएमएस के प्रबंधक अनूप खरे ने बताया कि कोरोना काल में जो पढ़ाई का नुकसान हुआ उसे सुधारने के लिए अध्यापक पूरी मेहनत कर रहे हैं। बच्चों को क्लास से जोड़ने के लिए खेलकूद, प्रतियोगिता सहित अनेक प्रकार की गतिविधियां कराई जा रही हैं। एकाग्रता के लिए योग भी करवाया जाता है।

जीवीएम कान्वेट स्कूल की प्रधानाचार्या विजय लक्ष्मी सिंह ने बताया कि नया सत्र शुरू हो गया है। अब बच्चे आफलाइन पढ़ाई करेगें । नई कक्षा के साथ पुरानी कक्षा का भी रीविजन कराया जाएगा।
एकदम पढ़ाई का बोझ नही डाला जाएगा। उनको बातों में पढ़ाई की ओर ले जाएंगे।

प्राथमिक विद्यालय मूडघाट के प्रधानाध्यापक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने कहा कि नया सत्र शुरू हुआ पहले दिन सभी बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया। अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण बच्चों की मानसिक दशा पर असर पड़ा है। अब स्कूल में सकारात्मक माहौल मिलेगा जिससे बच्चों के मानसिक स्तर में सुधार होगा।

कंपोजिट विद्यालय परसा जागीर के प्रधानाध्यापक डॉ. शिव प्रसाद ने बताया कि नए सत्र शुरू हो गया है कोरोना काल के पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। जिसको लेकर दो सप्ताह तक एक से आठ के बच्चों के लिए वर्कसीट पर पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम को दोहरवाया जाएगा।

अभिभावक डॉ. ज्योति यादव ने कहा कि मैने अपने बच्चे का एडमिशन कराया है। स्कूल जाना शुरू हो गया। अब हम उसे समय से सोने और जागने की आदत डला रहे हैं।

कालिंदी उपाध्याय ने कहा कि मेरी बेटी कक्षा नौ में है। परीक्षा को लेकर डर रही थी लेकिन, स्कूल जाने को लेकर उत्साहित है। दोस्तों से मिलकर बहुत खुश है।
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