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गोरखपुर-बस्ती मंडल: अब जनता बताएगी पुलिस का काम कितना बेहतर, ऑनलाइन मीटिंग कर जारी किया आदेश

Thu, 31 Mar 2022 11:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एडीजी ने जोन के सभी एसएसपी व एसपी के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि ट्विटर, आईजीआरएस, डिजिटल प्लेटफार्म, एफआईआर फीडबैक और 112 रिस्पांस से मूल्यांकन होगा।

 
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एडीजी जोन अखिल कुमार। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अब जनता पुलिस की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करेगी। शहरी लोगों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह सुविधा होगी तो ग्रामीण क्षेत्र में यूनिवर्सिटी की मदद से सर्वे कराया जाएगा।

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एडीजी अखिल कुमार ने जोन के सभी 11 जिलों के एसएसपी और एसपी से ऑनलाइन मीटिंग कर आदेश जारी कर दिया है। अभी यह वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन अगर परिणाम अच्छे आए तो इसे नियमित किया जाएगा।

एडीजी ने मूल्यांकन के लिए तीन स्तर निर्धारित किया है। पहला जनपद, दूसरा सीओ और तीसरा थाना स्तर है। इसके लिए पांच प्लेटफार्म भी बनाए गए हैं। आईजीआरएस पोर्टल, ट्विटर/फेसबुक पोल, डिजिटल प्लेटफॉर्म, एफआईआर/एनसीआर और 112 पीआरवी रिस्पांस की मदद से मूल्यांकन किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, एक जनवरी से 28 फरवरी 2022 तक आईजीआरएस फीडबैक में गोरखपुर में 80 प्रतिशत, कुशीनगर में 75 प्रतिशत, महराजगंज में 76 प्रतिशत, देवरिया में 73 प्रतिशत, बस्ती में 71 प्रतिशत, संतकबीरनगर में 76 प्रतिशत, गोंडा में 65 प्रतिशत, बलरामपुर में 68 प्रतिशत, बहराइच में 74 प्रतिशत और श्रावस्ती में करीब 72 प्रतिशत लोग असंतुष्ट थे। इसी तरह रिस्पांस टाइम भी अभी बेहतर नहीं हो पाया है। एडीजी ने इसे नजीर के तौर पर सभी एसएसपी और एसपी को बताकर सुधार की पहल करने का आदेश दिया है।

 

ऐसे बता सकते हैं पुलिस बेहतर काम कर रही है या नहीं

ट्विटर पोल: सोशल मीडिया पर एडीजी जीकेपी और गोरखपुर पुलिस नाम के हैंडल पर पुलिस एक से सात अप्रैल तक पोल कराएगी। इसमें आप अपने सुझाव दे सकते हैं। पसंद, नापसंद, बहुत बेहतर, खराब जैसे विकल्प मौजूद रहेंगे। इसी तरह फेसबुक पर भी पोस्ट डाला जाएगा और आप अपना नाम दे सकते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म: जो लोग ट्विटर व फेसबुक पर नहीं हैं उन्हें बीपीओ (बीट पुलिस अधिकारी) के व्हाट्सएप ग्रुप में लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इस लिंक पर जाकर आप पुलिस के काम को मनचाहा वोट दे सकते हैं। इसके साथ ही इसे आम ग्रुप में भी भेजा जाएगा।

आईजीआरएस: यह व्यवस्था पहले से चल रही है। अब इसे मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। असंतुष्ट लोगों की संख्या कम हो, इसके लिए कोशिश की जाएगी कि प्रार्थनापत्र पर गंभीरता से कार्रवाई हो, ताकि लोग पुलिस के प्रति भरोसा रखे और ग्रेडिंग सुधारें।

एफआईआर फीडबैक: जनपद में दर्ज सभी एफआईआर/एनसीआर के बारे में परिक्षेत्र स्तर से एक टीम गठित की जाएगी। टीम के लोग टेलीफोन कर वादियों से संपर्क करेंगे और उनसे जानने की कोशिश करेंगे पुलिस ने उनके साथ कैसे व्यवहार किया। केस दर्ज हुआ तो कार्रवाई क्या हुई। त्वरित एफआईआर हुआ या नहीं, घटना पर त्वरित कार्रवाई, वादी से व्यवहार आदि के बारे में फीडबैक लिया जाएगा।

112 पीआरवी रिस्पांस : यह व्यवस्था पहले से चल रही है, लेकिन अब इसे भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। पीआरवी का रिस्पांस टाइम, मौके पर पीआरवी के जन सामान्य से किया गया आचरण, संतुष्ट या असंतुष्ट जैसे फीडबैक लेकर मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा।

 
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ऐसे तय होगा मूल्यांकन का रिपोर्ट कार्ड

पहली बार अप्रैल में इसे किया जाएगा जो मार्च के आधार पर होगा, ताकि अभियान के संबंध में सबको जानकारी हो सके। अप्रैल का मूल्यांकन मई में किया जाएगा और उसे बेस मार्क बनाया जाएगा। सभी एसपी इस बेस मार्क के अगले माह में और अधिक सुधार करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा जनता के मन में विश्वास हो। सभी बिंदुओं पर मिले नंबर के आधार पर आखिरी रिपोर्ट जारी की जाएगी।


जोन स्तर से जाएगी टीम

एडीजी ने बताया कि जोन कार्यालय से सर्वे टीम भेजी जाएगी जो जिले में जनता से पुलिस के बारे में विशेषकर उनके व्यवहार, भ्रष्टाचार की शिकायत, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा तथा समाज के कमजोर लोगों के प्रति जनपदीय पुलिस के रवैया के संबंध में विशेष जानकारी लेकर फीडबैक एकत्र करेंगे। इसके आधार पर प्रतिशत के रूप में 100 अंकों में प्रत्यावर्तित करते हुए अंक प्रदान किया जाएगा।

गोरखपुर जोन एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के प्रति प्रतिबद्धता व उनके हितों का ध्यान रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसे देखते हुए पुलिस के मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। पांच प्लेटफॉर्म पर आम लोग अपना फीडबैक देंगे। उसी आधार पर सुधार कराया जाएगा। जनता की बात सुनी जाएगी और पुलिस उसी के अनुरूप काम करेगी। अभी यह वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन सफलता के बाद इसे नियमित किया जाएगा।

 
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