ऐसे बता सकते हैं पुलिस बेहतर काम कर रही है या नहीं
ट्विटर पोल: सोशल मीडिया पर एडीजी जीकेपी और गोरखपुर पुलिस नाम के हैंडल पर पुलिस एक से सात अप्रैल तक पोल कराएगी। इसमें आप अपने सुझाव दे सकते हैं। पसंद, नापसंद, बहुत बेहतर, खराब जैसे विकल्प मौजूद रहेंगे। इसी तरह फेसबुक पर भी पोस्ट डाला जाएगा और आप अपना नाम दे सकते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म: जो लोग ट्विटर व फेसबुक पर नहीं हैं उन्हें बीपीओ (बीट पुलिस अधिकारी) के व्हाट्सएप ग्रुप में लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इस लिंक पर जाकर आप पुलिस के काम को मनचाहा वोट दे सकते हैं। इसके साथ ही इसे आम ग्रुप में भी भेजा जाएगा।
आईजीआरएस: यह व्यवस्था पहले से चल रही है। अब इसे मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। असंतुष्ट लोगों की संख्या कम हो, इसके लिए कोशिश की जाएगी कि प्रार्थनापत्र पर गंभीरता से कार्रवाई हो, ताकि लोग पुलिस के प्रति भरोसा रखे और ग्रेडिंग सुधारें।
एफआईआर फीडबैक: जनपद में दर्ज सभी एफआईआर/एनसीआर के बारे में परिक्षेत्र स्तर से एक टीम गठित की जाएगी। टीम के लोग टेलीफोन कर वादियों से संपर्क करेंगे और उनसे जानने की कोशिश करेंगे पुलिस ने उनके साथ कैसे व्यवहार किया। केस दर्ज हुआ तो कार्रवाई क्या हुई। त्वरित एफआईआर हुआ या नहीं, घटना पर त्वरित कार्रवाई, वादी से व्यवहार आदि के बारे में फीडबैक लिया जाएगा।
112 पीआरवी रिस्पांस : यह व्यवस्था पहले से चल रही है, लेकिन अब इसे भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा। पीआरवी का रिस्पांस टाइम, मौके पर पीआरवी के जन सामान्य से किया गया आचरण, संतुष्ट या असंतुष्ट जैसे फीडबैक लेकर मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जाएगा।
ऐसे तय होगा मूल्यांकन का रिपोर्ट कार्ड
पहली बार अप्रैल में इसे किया जाएगा जो मार्च के आधार पर होगा, ताकि अभियान के संबंध में सबको जानकारी हो सके। अप्रैल का मूल्यांकन मई में किया जाएगा और उसे बेस मार्क बनाया जाएगा। सभी एसपी इस बेस मार्क के अगले माह में और अधिक सुधार करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा जनता के मन में विश्वास हो। सभी बिंदुओं पर मिले नंबर के आधार पर आखिरी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
जोन स्तर से जाएगी टीम
एडीजी ने बताया कि जोन कार्यालय से सर्वे टीम भेजी जाएगी जो जिले में जनता से पुलिस के बारे में विशेषकर उनके व्यवहार, भ्रष्टाचार की शिकायत, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा तथा समाज के कमजोर लोगों के प्रति जनपदीय पुलिस के रवैया के संबंध में विशेष जानकारी लेकर फीडबैक एकत्र करेंगे। इसके आधार पर प्रतिशत के रूप में 100 अंकों में प्रत्यावर्तित करते हुए अंक प्रदान किया जाएगा।
गोरखपुर जोन एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के प्रति प्रतिबद्धता व उनके हितों का ध्यान रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। इसे देखते हुए पुलिस के मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। पांच प्लेटफॉर्म पर आम लोग अपना फीडबैक देंगे। उसी आधार पर सुधार कराया जाएगा। जनता की बात सुनी जाएगी और पुलिस उसी के अनुरूप काम करेगी। अभी यह वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन सफलता के बाद इसे नियमित किया जाएगा।