मां-बेटी हत्याकांड में एसटीएफ की इंट्री,बेटी से फोन पर पूछताछ
- मुख्य आरोपी,उसका बेटा और बहू की तलाश करके थक गई पुलिस
- चार दिसंबर को कप्तानगंज से सेंठा गांव में मिला था मां-बेटी का जला शव
संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज(बस्ती)। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सेठा गांव में हुई मां-बेटी हत्याकांड में फरार आरोपियों के पीछे एसटीएफ लगा दी गई है। बृहस्पतिवार को मुकदमे की पैरवी कार व मृतका की बेटी सरिता दुबे ने बताया कि उनसे फोन पर एसटीएफ के अंजनी यादव का फोन आया था। वह गिरफ्तार हो चुके आरोपियों की गिरफ्तारी और रिश्तेदारों से पूछताछ की।
एसटीएफ फरार चल रहे 50-50 हजार के इनामिया मास्टरमाइंड कमलेश उपाध्याय उर्फ बिलोदर, उनके बेटे कौशलचन्द्र,और बहू रंजना उपाध्याय उर्फ मंजली को गिरफ्तार करने की उन्हें टास्क सौंपी गई है। एसटीएफ टीम ने यह केस बुधवार को हैंडिल किया है। हालांकि इस बारे में पुलिस अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। सूत्रों की मानें तो घटना के मास्टरमाइंड कमलेश उपाध्याय उर्फ बिलोदर की गिरफ्तारी न होने को उच्चाधिकारियों ने भी गम्भीरता से लिया है। जिसके चलते एसटीएफ कमान सौंपी गई है।
बता दें कि चार दिसंबर 2024 को गोदावरी देवी (58) और उनकी बेटी सौम्या (24) का घर के अंदर कमरे में 80 फीसदी जला शव मिला था। गोदावरी की बड़ी बेटी सरिता ने बड़े पिता कमलेश उपाध्याय उर्फ बिलोदर, सौतेले भाई करुणाकर उर्फ लल्लन, सगे भाई राजन उर्फ राजेश, बिलोदर के बेटे कौशल चंद्र, कमलेश की पत्नी शांति देवी, राजन की पत्नी शिल्पा, कौशल चंद्र की पत्नी रंजना और दो अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। इनमें शिल्पा, शांति, करुणाकर, राजन और मुंबई के मो. आसिफ शेख को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीन आरोपी फरार हैं और उन पर 50-50 हजार रुपये ईनाम घोषित है।
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