बस्ती। गेहूं, सरसाें, चना आदि फसलों को कीटों से सुरक्षित करने के लिए अब पेस्टिसाइड जैसे रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। इसका नया विकल्प खोज लिया गया है। कृषि विभाग की रक्षा इकाई ने खेतों में कीटनाशक के छिड़काव की जगह सोलर लाइट ट्रैप इस्तेमाल करने का सुझाव देना शुरू कर दिया है।
किसानों के लिए इस बार कृषि रक्षा इकाई के तरफ से सोलर लाइट ट्रैप की व्यवस्था की गई है। यह फसलों की कीट से सुरक्षा में काफी कारगर होगा। किसान को खेत में यह लैंप टांगना होगा। दिन में सूर्य सी उष्मा से स्वत: चार्ज होगा और रात में एलईडी की भांति जलने लगेगा। इसमें नीचे की तरफ एक बॉक्स की तरह ट्रैप लगा हुआ है। इसमें पानी भरने के बाद थोड़ा डीजल डालना होगा। रोशनी से आकर्षित होकर कीट लैंप के पास आते ही उस ट्रैप में गिर जाएंगे, इससे उनकी मौत हो जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रतन शंकर ओझा ने बताया कि इस लैंप के दो फायदे देखने को मिल रहे हैं। पहला तो यह कीटनाशक के काम आ रहा है दूसरा रात फसलों को जंगली जानवरों से भी सुरक्षित कर रहा है। जिले में प्रयोग के तौर पर पहली बार 1400 लैंप की आपूर्ति की गई है।
एक लैंप की लागत 635 रुपये हैं। सरकार की तरफ से इस पर 75 प्रतिशत 431 रुपये सब्सिडी दी जा रही है। किसानों के लिए लैंप की अनुदानित कीमत 204 रुपये हैं। कहा कि कीटों से फसलों के बचाव के लिए सोलर लाइट ट्रैप एक नई विधि है।