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अब तक सवा सौ लोगों को तमंचा बेच चुका है तस्कर

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अब तक सवा सौ लोगों को तमंचा बेच चुका है तस्कर
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परशुरामपुर (बस्ती)। जिस असलहा तस्कर सुभाष लोहार को गिरोह के साथ गिरफ्तार किया गया है, वह पुलिस को 11 वर्षों तक गच्चा देता रहा। 2009 से लेकर अब तक उसने सवा सौ से ज्यादा युवकों को तमंचा बेच चुका है। गिरफ्त में आने के बाद सुभाष ने पुलिस के सामने खुद कबूला कि अब तक वह अनगिनत अवैध कारतूस की खरीद-फरोख्त कर चुका है। परशुरामपुर क्षेत्र के बस्थानवा स्थित अपने घर में बनाई मिनी फैक्ट्री में सैकड़ों तमंचे क्षेत्र के अलावा गैर जिले के गुर्गों को सप्लाई दे चुका है, जिसकी पुलिस छानबीन कर रही है।
माना जा रहा है कि छावनी क्षेत्र में हुए अधिकांश आपराधिक वारदातों में बस्थनवा के बने असलहे का इस्तेमाल हुआ। रविवार को सुभाष के साथ पकड़े गए चारों गुर्गे उसके कैरियर थे, जो आर्डर के हिसाब से सप्लाई पहुंचाते थे। इनके ग्राहकों में नए उम्र के शौकीन युवक होते थे, जिन्हें तमंचा खोंसकर घूमने का चस्का लगा होता है। इस गिरोह का पर्दाफाश भी 18 जून को बस्थनवा बाजार में वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार तीन युवकों के पास तमंचा बरामद होने के बाद हुआ। इसके बाद पुलिस ने छावनी क्षेत्र के मुंडेरीपुर, कलंद्रहा, विक्रमजोत, कल्याणपुर, खतमसराय, बाघानाला, दुबौली दूबे, नियामतपुर, इमिलिया सहित तमाम गांवों के एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। इसके बाद जखीरा बरामद किया गया। हालांकि अवैध असलहों के कई धंधेबाज पुलिस की कार्रवाई से फरार हो गए है। एसपी हेमराज मीणा का कहना है कि इसके सभी चेन खंगाली जा रही है।
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खरीदारों में पुलिस भी शामिल
सुभाष लोहार के धंधे की गहराई इसी बात से समझी जा सकती है कि वह काफी दिनों तक पुलिस का भी चहेता रहा। सूत्रों के अनुसार उसने पूछताछ में पुलिस को जब बताया कि उसने पुलिस के लोगों को भी तमंचे बेचे हैं तो असहज स्थिति उत्पन्न हो गई थी। कई इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर का उसने नाम भी लिया था, मगर बाद में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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