बस्ती। आयुष्मान भारत योजना जिले में कारगर नहीं हो पा रही है। महकमे की लापरवाही और आयुष्मान मित्रों की तैनाती न होने से आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। इस वजह से पूरे मंडल की रैंकिंग खराब आई है। बस्ती जनपद 49वें नंबर पर है। जबकि संतकबीरनगर 70वें नंबर पहुंच गया है। सिद्धार्थनगर मंडल में सबसे आगे 16वें स्थान पर है।
सरकार ने 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान योजना चलाई है। इसके तहत इस उम्र के लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान भी शुरू किया गया। शत-प्रतिशत बुजुर्गों को इस योजना में शामिल करना था। साल बीतने के बाद भी बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है। अधिकतर बुजुर्ग इस योजना के लाभ से वंचित हैं। बताया जाता है कि सीएचसी और जिलास्तरीय अस्पतालों में आयुष्मान मित्र नहीं होने से कार्ड बन नहीं पा रहे हैं। जहां आयुष्मान मित्रों की तैनाती हैं वहां नेटवर्क आदि की समस्या से यह योजना प्रभावित हो रही। राज्य स्तरीय रैंकिंग में बुजुर्गों के कार्ड बनाने के मामले में बस्ती जनपद 49 वें स्थान पर आया है। इस जिले में अभी तक 10 हजार 451 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों का कार्ड बना है। संतकबीरनगर की स्थिति और खराब है। यह जिला 70वें स्थान पर है। इस जिले में 6886 कार्ड बनाए गए हैं। जबकि सिद्धार्थनगर में सबसे ज्यादा 20,573 बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड बना है। इस मामले में यह जिला काफी आगे है। इस जिले की प्रदेश भर में 16वीं रैंक है। एडी हेल्थ बस्ती मंडल डॉ. रामानंद ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बुजुर्गों का कार्ड आसानी से बन रहा है। पात्र लोग यदि अपना आधार कार्ड और पंजीकृत मोबाइल लेकर पहुंचें तो कार्ड बनने में कोई समस्या नहीं होगी।