बस्ती। एसआईआर प्रक्रिया जिले के कई बूथों पर लापता मतदाताओं पर आकर लटकी हुई है। जिले भर में चिह्नित एएसडी तीन लाख 9 हजार 681 मतदाताओं में से 63370 मतदाता लापता के रूप में चिह्नित है। इनका प्रतिशत 3.3 हैं। इन मतदाताओं का पता ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। अब जिला प्रशासन ऐसे गायब मतदाताओं का दोबारा सत्यापन करा रहा है।
बूथ लेबल एजेंट अपने क्षेत्र में लापता के रूप में चिह्नित मतदाताओं की कुंडली खंगालने में दोबारा जुटे हुए हैं। इस दौरान उनके बारे में पड़ोसियों से जानकारी जुटाई जा रही है। लगभग 13 हजार मतदाताओं की जानकारी खोज ली गई है। लेकिन, अभी यह असमंजस की स्थिति बनी हुई हैं कि संबंधित मतदाता एसआईआर में शामिल होंगे या नहीं। शेष गायब 50 हजार मतदाताओं की खोजबीन अभी भी शिद्दत से की जा रही है। बीएलओ का कहना है कि शहरी क्षेत्र में अपने पते से गायब हो चुके मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। इसके पीछे मुख्य वजह किराए पर मकान लेकर रहने वाले लोगों के संबंधित मोहल्ले से मतदाता बनना बताया जा रहा है। बाद में ऐसे मतदाता घर खाली करके कहीं और चले गए। इन मतदाताओं के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल रही है। इसके अलावा बाहर से आकर ईट भट्ठों एवं कारखानों में कार्य करने मजदूर भी पूर्व की सूची में मतदाता के रूप में शामिल हुए थे। यह मतदाता अब ढूंढने पर नहीं मिल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोबारा तस्दीक के बाद यदि गायब मतदाता का ब्योरा नहीं मिलता है तो उन्हें सूची से बाहर किया जाएगा।
एसआईआर का आंकड़ा एक नजर में
कुल मतदाताओं की संख्या- 1900430
एसआईआर प्रक्रिया में अभी तक सही मिले मतदाताओं की संख्या- 1428095
एएसडी श्रेणी के कुल मतदाता- 309681
अनट्रेसेबुल (लापता) मतदाताओं की संख्या- 63370
स्थाई रूप से शिफ्टेड मतदाताओं की संख्या- 153000
पहले से ही दूसरे जगहों पर मतदाता बन चुके वोटरों की संख्या- 35023
मृतक मतदाताओं की संख्या- 58288
अनट्रेसेबुल श्रेणी के मतदाताओं का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। 13 हजार के आसपास के मतदाताओं का विवरण एकत्र कर लिया गया है। अन्य मतदाताओं पर कार्य कराया जा रहा है। इसके स्थाई रूप से शिफ्टेड मतदाताओं का भी दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। बूथ लेबल पर पूरी तरह से तस्दीक करने के बाद ही पुनरीक्षण कार्य को विराम दिया जाएगा।
प्रतिपाल सिंह चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम।