बस्ती। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पूरा करने में प्रशासनिक अमले को चुनाव से ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। 26 दिसंबर तक बढ़ी हुई अवधि में एएसडी (गैरहाजिर, विस्थापित या मृतक) श्रेणी में शामिल जिनका पता नहीं चल पा रहा और अनुपस्थित एक-एक मतदाता का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। एएसडी श्रेणी के 18.07 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या घटकर 16 प्रतिशत आ गई है। दोबारा सत्यापन में संख्यात्मक कुल 39,338 मतदाता एएसडी श्रेणी से हट गए हैं। इन्हें एसआईआर प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है।
प्रदेश भर में एएसडी श्रेणी के मतदाताओं का अनुपात 20 प्रतिशत बताया जा रहा है। बस्ती में इस आंकड़े को कम करने के लिए प्रशासनिक अमला एड़ी-चोटी एक कर दिया है। एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, एसडीएम सदर शत्रुहन पाठक, अतिरिक्त एसडीएम राजेश कुमार सरीखे आला अधिकारियों की टीम निरंतर भ्रमणशील है।
डीएम कृत्तिका ज्योत्सना इस टीम की मॉनीटरिंग कर रही है। वह अपने मातहत अफसरों से प्रत्येक घंटे की प्रगति से अपडेट हो रही है। प्रक्रिया के प्रथम चरण में जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में कुल 19 लाख 430 मतदाताओं में से तीन लाख 43 हजार 407 मतदाता एएसडी श्रेणी में चिह्नित किए गए थे। इसमें मृतक मतदाताओं की संख्या 58,288, पहले से ही दूसरे जगहों पर मतदाता बन चुके लोगों की संख्या 35664 हैं। हालांकि इन दोनों श्रेणी के कुल 94023 मतदाताओं में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा एएसडी श्रेणी के शेष दो लाख 49 हजार 338 मतदाताओं में कमी लाने के लिए दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई है।
बूथों पर बीएलओ के साथ सुपरवाइजर के रूप में तैनात लेखपाल और शिक्षकों की टीम एएसडी श्रेणी अनुपस्थित, स्थाई रूप से शिफ्टेड, अनुपस्थित और अनट्रेसबल मतदाताओं में से एक-एक लोग की कुंडली खंगालने में जुटी हुई है। इन मतदाताओं की खोज में उनके पता-ठिकाने पर टीम पहुंच रही है। यह प्रक्रिया अपनाने के बाद प्रशासन को काफी हद तक सफलता भी मिल रही है। जिले भर में अनट्रेसेबुल, अनुपस्थित और स्थायी रूप से शिफ्टेड मतदाताओं में से कुल 39,338 मतदाताओं को दोबारा सत्यापन के दौरान एसआईआर प्रक्रिया में सत्यापन कर लिया गया है। इसमें अकेले सदर विधानसभा से सर्वाधिक 30 हजार मतदाता दोबारा सत्यापन के दौरान एसआईआर में शामिल किए गए हैं।