पकड़ा गया हेड कास्टेबल राकेश चौहान
- फोटो : अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में बैठक करतीं राज्यपाल
बस्ती। वॉल्टरगंज थाने के हेड कांस्टेबल गोरखपुर निवासी राकेश चौहान को गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार की दोपहर में थानेदार के आवास में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंग हाथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं एंटी करप्शन टीम ने थानेदार जयवर्धन सिंह के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के समय थानेदार इलाहाबाद हाईकोर्ट में किसी मामले में पेशी पर गए हुए थे।
एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव ने बताया कि यह कार्रवाई दरौली गांव निवासी मनीष कुमार चौधरी की शिकायत पर की गई है। मनीष कुमार चौधरी ने शिकायत की थी उनके पिता मिट्टी के काम से जुड़े हैं। परिवार की कई गाड़ियां ईंट-भट्टों से चलतीं हैं। गाड़ियां अक्सर वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। पीड़ित का आरोप है कि वॉल्टरगंज के थानेदार ने 10 दिसंबर को उसे बुलाकर कहा था यदि थाना क्षेत्र में गाड़ियां चलानी हैं तो प्रत्येक गाड़ी के हिसाब से पांच हजार प्रतिमाह देने होंगे।
उन्होंने थानेदार से कई बार अनुरोध किया कि इतनी आमदनी नहीं है, मगर उन्होंने एक भी सुनी। इसके बाद 25 हजार रुपये की मांग की गई। विनोद ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद जाल बिछाया गया।
तय योजना के तहत मनीष बृहस्पतिवार की दोपहर 15 हजार रुपये लेकर थाने पहुंचे। आरोप है कि थानेदार ने रुपये सीधे न लेकर दीवान राकेश चौहान को देने के निर्देश दिए। जैसे ही राकेश चौहान ने रिश्वत की रकम हाथ में पकड़ी एंटी करप्शन टीम ने दबोच लिया। टीम उसे लेकर गोरखपुर रवाना हो गई। साथ ही, अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थानेदार के खिलाफ जांच टीम ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।