नगर की बेपटरी हुई सफाई व्यवस्था
बस्ती। नगर की सफाई व्यवस्था चार दिन से चरमरा कर रह गई है। 25 वार्डों में सफाई के नाम पर सिर्फ हाथ से चलनेवाले ठेले का इस्तेमाल कर सफाई कर्मी किसी तरह कूड़े-कचरे को एक स्थान पर इकट्ठा कर रहे हैं जिससे शहर के विभिन्न जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर पालिका पर 50 लाख ईंधन खर्च बकाया होने के कारण पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं होने से पालिका के छोटे-बड़े 38 वाहन खड़े हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्र में हर दिन करीब 50 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसका निस्तारण शहर से सटे कोइलपुरा स्थित केंद्र पर किया जाता है। शहरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए लंबी चौड़ी कर्मियों की टीम है। इनमें आउट सोर्सिंग व स्थायी सहित कुल करीब चार सौ कर्मचारी हैं। इसके अलावा कूड़ा उठाने के लिए 28 छोटे वाहन, छह ट्रैक्टर, तीन ट्रक एक हाइवा, दो जेसीबी, सौ हत्थू ठेला हर दिन वार्डों में सफाई करते हैं। कूड़ा छोटे वाहनों से उठाकर अमहट घाट किनारे ट्रकों में भर दिया जाता है जो उसे कोइलपुरा पहुंचा देते हैं। लेकिन इंधन से चलनेवाले वाहनों का संचालन चार दिन से बंद है।
पिछले चार दिन से वार्ड के किसी भी मोहल्ले में छोटे वाहन नजर नहीं आ रहे हैं। इसका कारण पिछले दो साल में पेट्रोल- डीजल का प्रयोग तो हुआ, मगर पंप के संचालक को एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ। नतीजतन पचास लाख बकाया हो गया है। इन स्थितियों के चलते पट्रोल पंप ने तेल देने से मना कर दिया। लिहाजा सभी 38 वाहन पालिका परिसर में खड़े हो गए हैं। इन पर लगाए गए कर्मी हर दिन पालिका में आते हैं और दिन भर बैठ कर चले जाते हैं।
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पालिका के सफाई कर्मियों को पिछले चार दिनों से कूड़ा उठाने के लिए हाथ वाले ठेले की मदद लेनी पड़ रही है। ऐसे में कूड़ा निस्तारण में यहां वहां भागना पड़ता है। सफाई कर्मियों ने बताया कि कूड़े को खाली स्थान पर जमा कर रहे हैं। जैसे ही वाहनों का संचालन शुरू हुआ वैसे ही उसे कोइलपुरा भेजा जाएगा।
जल्द से जल्द व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा : ईओ
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी ने बकाया की पुष्टि की। बोले पेट्रोल पंप के संचालक से बातचीत चल रही है। ईंधन के मद में बजट की डिमांड भी भेजी गई है। जैसे ही बजट मिलेगा वैसे ही भुगतान किया जाएगा। जल्द से जल्द व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा। सफाई के लिए मोहल्ला वार ठेलों का प्रयोग किया जा रहा है।