बस्ती। दीपावली व परेवा के जश्न में आतिशबाजी के दौरान कोई झुलस गया तो कुछ की आंख और शरीर पर जलती बारूद की चिंगारी पड़ गई। लापरवाही के चलते करीब 50 लोग झुलस गए। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, सात लोगों की आंखें जख्मी हो गईं। कई लोगों की आंखों पर खतरा आ गया है।
चिकित्सक के अनुसार, कुछ लोगों की आंंख बचानी मुश्किल है। उन्हें मेडिकल काॅलेज बस्ती व गोरखपुर के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में आठ लोगों का इलाज किया जा रहा है।
दीपावली के दिन पटाखा फोड़ते समय कई लोग झुलस गए थे। किसी का हाथ जल गया तो किसी की हथेली उड़ गई। पांच लोगों की आंखें भी बारूद की चपेट में आने से खराब होने की स्थिति पर पहुंच गई।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज के लिए 43 लोग पहुंचे। इसमें 38 लोग ऐसे थे, जिनमें किसी की हथेली उड़ गई थी तो किसी का हाथ झुलस गया था। वहीं, पांच लोगों की आंख में बारूद पड़ जाने से खतरा हो गया है।
ड्यूटी पर तैनात एमओ डाॅ. दानिश व उनके सहयोगी आदित्य कुमार ने तत्परता से इनका प्राथमिक उपचार करने के बाद ऑनकाल सर्जन डाॅ. अनिल सिंह को जानकारी दी। वह भी पहुंचे और इलाज किया। पूरी रात झुलसे मरीजों का इलाज किया गया। बुरी तरह से झुलसे पांच लोगों को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि आतिशबाजी में बारूद की चपेट में आने से जिनकी आंख खराब होने के कगार पर पहुंची थी, उनमें से कुछ बस्ती मेडिकल काॅलेज तो कुछ गोरखपुर रेफर किए गए हैं। परेवा के दिन 10 लोग पटाखे जलाते समय झुलस गए थे। वे भी जिला अस्पताल पहुंचे।
वहीं, पटाखों की चिंगारी से दो लोगों की आंखों में समस्या थी। उन्हें तुरंत मेडिकल काॅलेज गोरखपुर भेजा गया। तीन लोगों को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया। इस दिन डाॅ. विजय तिवारी ऑनकाल पर उपलब्ध रहे।
वहीं, एमओ डाॅ. जीके राय रात्रि ड्यूटी पर थे। ओटी कर्मी आदित्य के साथ चिकित्सकों ने पटाखों से झुलसे लोगों का उपचार किया।