बस्ती। जिले में मौसम में लगातार बदलाव चल रहा है। कभी बादल तो कभी तेज तल्ख धूप निकल रही है। इसके चलते तापमान में भी उतार-चढ़ाव चल रहा है। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक सर्वाधिक मरीज फूड प्वाइजनिंग के मरीज भरे पड़े हैं।
जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि सुबह का बना खाना खराब होने का डर रहता है। खराब खाना के चलते पेट में संक्रमण फैल जा रहा है। इससे फूड प्वाइजनिंग होकर मरीज बीमार पड़ रहे। बताया कि 10 प्रतिशत मरीज फूड प्वाइजनिंग लक्षण वाले आ रहे हैं। उन्हें भर्ती कराया जा रहा है। जांच में पेट में इंफेक्शन, दर्द, मरोड़, पाचन क्रिया बिगड़ने, सिर दर्द और वायरल बुखार की भी शिकायत है।
ओपीडी में रोजाना इन दिनों दौ सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। खानपान में लापरवाही भी भारी पड़ जा रही। बताया कि बासी भोजन और बाजार में बने खाद्य पदार्थों, फास्टफूड व जंकफूड से यह समस्या बन रही है। कटे हुए व रखे हुए फलों का सेवन करने से भी बीमार होने की आशंका रहती है। इसलिए लोगों को घर का बना ताजा भोजन लेना चाहिए। पानी व खाने पीने की चीजों को ढककर रखे। मौसमी फलों का सेवन करें।
बाजार में बने खाद्य पदार्थों व तली भुनी चीजों से परहेज रखना चाहिए। कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 30-40 बच्चे डायरिया व पेट में इंफेक्शन से पीड़ित आ रहे हैं। सभी मरीजों को दवा के साथ खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बुधवार को 987 मरीजों को परामर्श दिया गया। मेडिसिन व बाल रोग विभाग में सर्वाधिक मरीज आए।
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इन बातों का रखें ध्यान
- दिन में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीएं, इसमें ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर समेत रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, रात में मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
कोट
जिला अस्पताल में सभी दवाएं पर्याप्त संख्या में है। चिकित्सकों व स्टाफ को समय से ओपीडी और वार्ड में उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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