बस्ती। जिस सत्यम अग्रहरि की आपत्तिजनक वीडियो डिलीट करवाने के लिए मोहित यादव का अपहरण कर हत्या हुई, वही अब खुद को पाक-साफ साबित करने की कोशिश में जुट गया। बृहस्पतिवार को मुख्य आरोपी बताए जा रहे सत्यम के इंस्टाग्राम पर लिखी गई पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल हुई तो खलबली मच गई। साइबर व सर्विलांस की टीमें उस पोस्ट के जरिये लोकेशन ट्रैस करने में जुट गईं।
मुख्य आरोपी के सरेंडर करने की आशंका में पुलिस की टीमें दिन भर न्यायालय के इर्दगिर्द मंडराती रहीं। हालांकि, उसका कोई सुराग नहीं मिला। एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि पुलिस बिना एक-एक को जेल भेजे बिना चैन से नहीं बैठेगी।
उधर, मोहित के शव की तलाश करने के लिए राज्य आपदा मोचन दल (एसडीआरएफ) की टीम तीसरे दिन भी बृहस्पतिवार को चार बजे तक कुआनो नदी का पानी मथने और मोटरबोट से नदी का चप्पा-चप्पा छान मारने में जुटी रही। इसके बाद गोंडा में ट्रेन हादसे की सूचना के बाद टीम को राहत कार्य के लिए भेज दिया गया अधिकारियाें का कहना है कि शुक्रवार को फिर से टीम लौटकर आएगी। जब तक शव मिल नहीं जाता तब तक खोजबीन जारी रहेगी।
शुक्रवार को शहर के पिकौरा दत्तूराय से अपहृत किए गए मोहित यादव की हत्या कर शव कुआनो नदी में फेंक दिया गया था। बुधवार को पुलिस ने घटना में शामिल छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह सहित तीन आरोपियों गिरफ्तार करने के साथ ही घटना का खुलासा किया था।
एसपी ने बताया था कि उसे अगवा कर आरोपी चंगेरवा गांव के पास कुआनो नदी के किनारे ले जाकर पिटाई क। उसकी मौत हो जाने के बाद शव को नदी में फेंककर भाग गए थे। अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में 11 अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं। आरोपियों की पुलिस की 10 टीमें तलाश करने के लिए हाथ-पांव मार रही हैं।
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खुद को निर्दोश,दोस्तों पर सारा आरोप मढ़ रहा सत्यम
पूरे घटनाक्रम का मुख्य सूत्राधार बताए जा रहे सत्यम अग्रहरि ने अपनी पोस्ट में खुद को पाक-साफ बताया है। उसने सारा इल्जाम दोस्तों पर थोपने का प्रयास किया है। पोस्ट में लिखा है कि मैं सत्यम कसौधन आज 18-07-2024 को बस्ती जिले में सरेंडर करने जा रहा हूं। साथ ही, मैं आप सबको यह बताना चाहता हूं कि मोहित अपहरण कांड में मेरा कोई रोल नहीं है। मुझे बस मोहरा बनाया जा रहा है। मैंने कुछ नहीं किया...मैं निर्दोष हूं। मेरा कोई मामला नहीं था। मैं तो बस अपना वीडियो डिलीट कराने के लिए गया था। मुझे नहीं पता था कि वहां इतनी बड़ी साजिश हो रही है। घटना के टाइम पर तो मैं अपने घर पर ही था। जिसका प्रमाण हमारे घर के नीचे लगे सीसीटीवी कैमरे हैं। जब मैं घटना स्थल पर पहुंचा तो देखा कि मोहित ठीक था। उसे घर छोड़ने के लिए एक ब्लैक सफारी में बैठाकर ले जाने लगे। तभी घटना स्थान से जैसे ही मैं निकलने जा रहा था। तभी मुझे पता चला कि घटना की खबर थाना कोतवाली में हो गई है। यह सुनते ही मैं सहम गया। तुरंत घटना स्थल से फरार हो गया। मेरा आप से निवेदन है कि मुझे न्याय दिलाएं।
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अभी अनुत्तरित हैं कई सवाल
भले ही पुलिस ने इस सनसनीखेज कांड का खुलासा करके पटाक्षेप करने का प्रयास किया लेकिन अभी तमाम ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है। यहां तक कि अंतिम समय में उसे किस तरह मौत के घाट उतारा गया, यह भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का कहना है कि केस में नामजद इल्हान, आशुतोष और प्रिंस के पकड़ में आए बिना पूरी कहानी खुलकर सामने नहीं आ पाएगी।
कहीं कोई साजिश तो नहीं
- सोशल मीडिया पर आत्मसमर्पण की पोस्ट डालने को लेकर पुलिस को आशंका है कि कहीं उसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है। माना जा रहा है कि उसने डर वश ऐसा किया होगा। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसी पोस्ट डाली गई है।
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यह रहा घटनाक्रम
- कोतवाली थानाक्षेत्र के पिकौरा दत्तुराय निवासी अविनाश सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 12 जुलाई को दिन में दो बजे मोहल्ले के लोगों ने उन्हें फोन करके बताया कि उनके घर में मारपीट व तोड़-फोड़ की जा रही है। जब वह घर पहुंचे तो देखा कि मोहित यादव जो उनके यहां किराये पर कमरा लेकर रहता था, उसे आदित्य विक्रम सिंह, पुलकित गर्ग, सत्यम कसौधन, मोनू, सैय्यद इलहान व उनके साथ अन्य बहुत सारे लड़के आकर कमरे में घुस कर उसे मार रहे थे। तोड़-फोड़ भी किये। मोहित जब बाथरूम में घुसा तो आरोपित उसे वहां से खींचकर नीचे ले जाकर कुछ दूर पैदल चलते हुए मुख्य मार्ग पर आकर चार पहिया वाहन से अपहरण करके हत्या करने की नियत से लेकर भाग गये। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस पंजीकृत कर लिया था। तब से उसका कहीं पता नहीं चल रहा है।
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