दुबौलिया। लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को थम गया। नदी अब लाल निशान से नीचे आ गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम 6 बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92. 730 मीटर से दो सेंटीमीटर नीचे 92.710 मीटर पर दर्ज किया गया है। जलस्तर घटने से बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरे सुबिका बाबू, आंशिक टेढवा गांव के लोगों को थोड़ी राहत मिली है। सुबिका बाबू गांव के लोग अभी भी मोटर बोट के सहारे आ- जा रहे हैं। वहीं कटरिया- चांदपुर तटबंध पर कटरिया गांव के सामने बने ठोकर नंबर एक पर नदी का दबाव बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने पांच सौ मीटर की दूरी में दबाव बरकरार है।
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आबादी की तरफ बढ़ रही नदी
विक्रमजोत। सरयू नदी का पानी बीडी व एलबी तटबंध और नदी के बीच बसे गांवों में आफत बनकर पहुंचा है। इधर जलस्तर में वृद्धि होने से नदी आबादी की ओर बढ़ने लगी है। आबादी क्षेत्र में कटान शुरू होने घर मकान पर खतरा मंडराने लगा है। नदी का बिगड़ा रूख देख बाढ़ खंड की टीम भी अब लाचार दिख रही है। एलबी तटबंध के निकट रानीपुर कठवनियां व केशवपुर में नदी धीमी गति से रुक रुक कर जमीन काटते हुए तटबंध से सटने को आतुर है। वहीं कल्यानपुर के पास स्थिति डोंगरा रेजीमेंट की सैन्य भूमि पर तेजी से कटान कर रही है। यहां नदी कटन करते हुए आबादी के करीब पहुंच गई है। बीडी तटबंध के पास बसे अर्जुनपुर, पकड़ी संग्राम में भी कटान होने लगी है। सबसे खराब स्थिति पकड़ी संग्राम की है। यहां रोजाना भीषण कटान से लोग दहशत में हैं। ग्रामीण सोशल मीडिया के जरिये जनप्रतिनिधि और प्रशासन से कटान की रोकथाम के लिए गुहार लगा रहे हैं। एसडीओ बाढ़ खंड धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि नदी लगातार कटान कर रही है। मरम्मत टीम को संवेदनशील स्थलों पर सक्रिय रखा गया है। कटानरोधी कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं। जलस्तर में वृद्धि के चलते यह समस्या आ रही है।