विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर फिर चेतावनी बिंदु पर पहुंच गया है। बाढ़ खंड कर्मी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। सरयू नदी के नयाघाट स्थित केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी बलराम ने बताया कि शुक्रवार को नदी अपनी स्थिति से ऊपर बढ़ते हुए वार्निंग लेबल पर पहुंचने वाली है। शाम करीब 5 बजे नदी का जलस्तर 91.29 से बढ़कर 91.72 मीटर रिकऍर्ड किया गया। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। अभी नदी का जलस्तर दो दिन तक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से विक्रमजोत के विक्रमजोत लोलपुर व धुसवा तटबंध के संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ खंड कर्मियों ने निगरानी तेज कर दी है वहीं जलस्तर में हो रही वृद्धि से संवेदनशील कटान वाली जगहों केशवपुर, संदलपुर व कन्हईपुर सहित जगहों पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वैसे तो बाढ़खंड कटानरोधी बचाव कार्य के चलते निश्चिंत है पर बीते वर्ष बचाव कार्य के बावजूद हुई कटान का डर अभी भी लोगों को सता रहा है। तटबंध व नदी के बीच बसे गांवों कल्यानपुर, भरथापुर, पड़ाव, संदलपुर, कन्हईपुर सहित गांवों में कटान स्थलों की सुरक्षा के लिए बनाए गए डैंपनर, परक्यूपाइन, कटर व ठोकरों की मरम्मत सहित अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं।
एसडीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आवश्यकता वाली जगहों पर डैंपनर, कटर परक्यूपाइन का कार्य कर लिया गया है। पिचिंग का काम चल रहा जलस्तर अबकी बार कम होने से कहीं किसी भी प्रकार की कटान अथवा संवेदनशील जगहों पर नदी का कोई दबाव नहीं देखा जा रहा है। वैसे, बाढ़ खंड हर स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी कर चुका है। लोलपुर के पास स्थित बाढ़ चौकी पर कर्मचारियों को पूरी तरह से अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंध की निगरानी के साथ पूर्व के संवेदनशील स्थलों को भी देखने के निर्देश दिए गए हैं।