- निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री ने दिए थे मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश
- बाढ़ का पानी हटने से कीचड़ एवं दुर्गंध के चलते संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर घट गया है। इसमें लगातार पांचवें दिन भी गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार मंगलवार शाम 6 बजे सरयू का जलस्तर 91.840 मीटर पर दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर नीचे हैं। नदी कई जगहों पर तटबंध के रैंप से नीचे उतर चुकी है। इससे बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है।
माझा क्षेत्र के दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी हट गया है। लेकिन, कीचड़ एवं दुर्गंध ने नई दुश्वारियां उत्पन्न कर दी हैं। उमस भरी गर्मी में ग्रामीणों को आसपास दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। उधर तटबंधों पर खतरा भी बरकरार है। कुछ जगहों पर स्पर मरम्मत का कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि पिछले दिनों निरीक्षण करने पहुंचे जल शक्ति मंत्री ने तटबंध के मरम्मत का कार्य पूर्ण करके रिपोर्ट भी तलब की थी। मगर अभी तक उनके निर्देश का पालन नहीं हो पाया है।
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एलवी तटबंध पर एकत्र किए जा रहे कटान रोधी सामग्री
विक्रमजोत। क्षेत्र एलवी तटबंध के भरथापुर, केशवपुर व रानीपुर में संवेदनशील संभावित कटान स्थलों पर मजदूर लगाए गए हैं। यहां कटान रोधी सामाग्री तैयार कराई जा रही है। वहीं नवनिर्मित लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर हाइवे से सटे क्षेत्रों में एकत्र बरसात के पानी को नदी में पहुंचाने के बने कुल पांच रेगुलेटर बनाए गए हैं। यह घघौवा, केशवपुर, मुंडेरीपुर, गौरियानैन, बाघानाला गांव के बंधे पर स्थापित हैं। बाढ़ के दिनों में इसे बंद कर दिया गया है। इस तटबंध से सटे गांवों में बाढ का पानी खिसकने से कीचड़ फैल गया है। इससे दुर्गंध भी उठ रही है। खेमराजपुर, लकड़ी पकड़ी, संग्रामपुर,पूरे चेतन, छतौना, बाघानाला, फूलडीह, कल्यानपुर, संदलपुर आदि गांवों में उल्टी दस्त, बुखार और सर दर्द के रोगी बढ़ गए हैं। ग्रामीणों की मानें तो अभी तक स्वास्थ्य विभाग के कर्मी नहीं पहुंचे हैं।
बाढ़ चौकी घघौवा पर जेई अवधेश कुमार, आरके नायक मौजूद रहकर स्पर 0.730 मीटर की मरम्मत कार्य करा रहे हैं। पिछले दस दिनों से स्पर के स्लोप पर लगे बोल्डरों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है। मजदूरों की संख्या कम होने से मरम्मत कार्य में देरी होे रही है। इस बाढ़ चौकी के समीप 463.25 लाख की लागत से बने स्पर निर्माण में अधोमानक बोल्डरों का प्रयोग किया गया है।
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खेती किसानी में जुटे किसान
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर घट जाने से क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का जनजीवन बहाल होते देखा जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव सुबिका बाबू व आंशिक टेढ़वा से बाढ़ का पानी हटने से ग्रामीण खेती किसानी में जुट गए हैं। यहां अब काफी राहत दिखाई पड़ रही है। लेकिन, संक्रामक रोगों के पांव पसारने का खतरा बढ गया है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर ठोकर नंबर एक पर पानी का दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक नदी तटबंध से सटकर प्रवाहित हो रही है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पांच सौ मीटर में दबाव बना हुआ है। अधिकारियों की टीम सीसीटीवी से तटबंध की निगरानी कर रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के अवर अभियंता स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर काफी घट गया है। तटबंध को फिलहाल खतरा नहीं है।