सरयू का जलस्तर पांच सेमी घटा, कटान तेज
विक्रमजोत (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार की देर रात धीरे-धीरे कम होने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को दिन में करीब 12 बजे नदी का जलस्तर 92.680 मीटर रिकार्ड का गया। ये खतरे के निशान से पांच सेमी कम है। जलस्तर कम होने से आपदा ग्रस्त गांवों में कटान की समस्या तेज हो गई है।
बाघानाला के पास नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। भरथापुर में खड़ंजा व खेती की जमीन का कटान जारी है। कल्यानपुर गांव में हेमंत पांडेय व परिषदीय स्कूल भवन के पास बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास जारी है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बृहस्पतिवार देर रात से नदी का जलस्तर घटने लगा है। देर रात कटरिया गांव के सामने बने ठोकर का अगला व बेस का करीब बीस मीटर हिस्सा तेज बहाव में बह गया। बाढ़ खंड मरम्मत कार्य में जुटा है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव तेज बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास ठोकर पर दबाव बरकरार है। सुविखा बाबू गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। कटरिया, विशुनदासपुर, भनखरपुर में खेती की जमीन पर लगातार कटाव जारी है। सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि जलस्तर कम हो रहा है, कटरिया बांध पर मरम्मत कार्य चल रहा है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों ने ठोकर निर्माण के लिए किया प्रदर्शन
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के कल्यानपुर में शुक्रवार को काम रुकने व ठोकर निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने समाजसेवी चंद्रमणि पांडेय ने नेतृत्व में प्रदर्शन कर ठोकर निर्माण की मांग की। बाढ़ खंड के अवर अभियंता की बात से नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन की धमकी दी है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने लिया जायजा
कल्यानपुर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेमप्रकाश मीणा ने शुक्रवार को बाढ़ खंड की ओर से कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। ग्रामीणों ने एडीएम हर्रैया से कटान रोकने के लिए बोल्डर से काम कराने की मांग की। उन्होंने बाढ़ चौकी व शौचालय आदि का निरीक्षण किया।