विक्रमजोत के कल्याणपुर गांव के निकट कटान रोकने के किए जा रहे उपाय।
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। नदी लाल निशान पार कर गई है। तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। कुछ जगहों पर कटान भी हो रही है।
तटबंध और बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कटान की रोकथाम के लिए बालू एवं मिट्टी से भरी बोरियां नदी के मुहाने पर डाली जा रही हैं। नदी का रौद्र रूप दोबारा देखकर ग्रामीण दहशत में हैं।
जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के निचले व सरयू नदी के तटीय इलाकों में पानी फिर से भरने लगा है। बाढ़ खंड के उच्चाधिकारियों द्वारा तटबंधों के साथ डेंजर प्वाइंट पर निगरानी के लिए बाढ़ चौकियों और सुरक्षा समितियों को अलर्ट मोड में कर दिया गया है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जल कर्मी बलराम ने बताया कि शनिवार की दोपहर बाद करीब 2 बजे नदी का जलस्तर 92.74 मीटर पर रिकार्ड हुआ। यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से एक सेमी ऊपर है। हाई फ्लड लेबल 94.01 मीटर से करीब 130 सेमी नीचे है।
अपस्ट्रीम में नदी के स्थिर होने से जलस्तर अगले एक दो दिन में फिर कम होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल जलस्तर बढ़ने से जलभराव की दुश्वारियां बढ़ने लगी है। अभी पांच- छह दिन पहले किसी तरह तटवर्ती गांवों से नदी का पानी खिसका था।
इधर फिर से निचले स्थानों में पानी भरने से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। नदी ने कटान भी शुरू कर दिया है। विकास क्षेत्र के रानीपुर कठवनिया, केशवपुर, कल्याणपुर के पड़ाव, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर आदि जगहों पर कटान तेज हो गई है। कल्याणपुर के सैन्य भूमि पड़ाव के पास आबादी की तरफ सरयू कटान करते हुए बढ़ने लगी है। बाढ़ खंड की टीम यहां बचाव कार्य में जुटी हुई है।