विक्रमजोत के भरथापुर में उफनाई नदी।
बस्ती। सरयू नदी लगातार उफान पर है। लाल निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में तबाही का दौर शुरू हो गया है। दुबौलिया ब्लॉक का सुबिका बाबू गांव 15 दिन के भीतर दोबारा मैरूंड हो गया है।
वहीं, कुदरहा के मदरहवा और विक्रमजोत के कल्याणपुर समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में कटान होने लगा है। ग्रामीण दहशत में हैं। जलस्तर बढ़ने से कुछ गांवों में भगदड़ जैसी स्थिति है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के कर्मी बलराम के अनुसार, रविवार की शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 92.86 मीटर पर रिकाॅर्ड हुआ है। यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से 13 सेमी ऊपर है। जबकि हाई फ्लड लेबल 94.01 मीटर से नदी करीब 117 सेमी नीचे है। बताया जा रहा है कि नदी अब स्थिर अवस्था में है। अपस्ट्रीम में अगले एक दो दिन में जलस्तर में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। लेकिन, नदी का पानी फैलने से तटवर्ती गांवों में तबाही का दौर शुरू हो गया है।
तटबंध और नदी के बीच बसे गांवों में भगदड़ जैसी स्थिति : दुबौलिया। क्षेत्र के आधा दर्जन गांव नदी और तटबंध के बीच स्थित है। जलस्तर बढ़ने से यह गांव 15 दिन के भीतर दूसरी बार पानी से घिर गए हैं। सुबिका बाबू गांव एक बार फिर मैरूंड हो गया है। यहां के नागरिकों के आवागमन के लिए तीन मोटरबोट लगानी पड़ी है। वहीं आंशिक टेढ़वा भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। यहां भी एक नाव लगाई गई है। विसुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कुछ पुरवों की तरफ नदी का पानी बढ़ने से ग्रामीण दहशत में है। लोगों का कहना है कि यदि इसी जलस्तर में वृद्धि होती रही तो अगले दो तीन दिन में गांव से पलायन करना पड़ेगा।
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कटरिया गांव के सामने स्थित ठोकर नंबर एक पर फिर पानी का दबाव बढ़ गया है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने पांच सौ मीटर में नदी का दबाव है।