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चार गांवों के 103 किसानों के 67 हेक्टेयर खेत सरयू में विलीन

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सदर तहसील क्षेत्र के गांवों में सरयू नदी की बाढ़ से हुई कटान। संवाद - फोटो : BASTI
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चार गांवों के 103 किसानों के 67 हेक्टेयर खेत सरयू में विलीन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलवारी। सरयू नदी की कटान में 103 किसानों की करीब 67 हेक्टेयर भूमि पानी में विलीन हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से अन्य किसानों की खेती योग्य भूमि और फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।
राजस्व टीम ने गत दिनों माझा कला व माझा खुर्द, माझा फूलपुर और महुआपार खुर्द गांव में 103 किसानों की 67 हेक्टेयर जमीन नदी में कटने का रिपोर्ट तहसीलदार को दी है। राजस्व टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक रामसूरत चौधरी, लेखपाल अवधेश श्रीवास्तव व सेराज अहमद के सर्वे में माझा कला गांव के 32 किसानों की 20 हेक्टेटर से अधिक जमीन घाघरा नदी की धारा मे विलीन हो गई है। माझाखुर्द के 30 किसानों की लगभग 17 हेक्टेयर, माझा फूलपुर में 28 किसानों की लगभग 16 हेक्टेयर से अधिक, जबकि महुआपार खुर्द के 13 किसानों की लगभग 13 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन धारा में विलीन हो गई है। इन गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि नदी के किनारे के सभी गांवों में नदी का पानी कम होने पर अवैध बालू खनन होता रहता है। जिसके कारण प्रतिवर्ष दर्जनों बीघा कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में विलीन हो जाती है। एसडीएम सदर पवन जायसवाल ने कहा कि गांव में टीम भेजकर सर्वे कराया गया है। बचाव के उपाय किए जा रहे हैं।
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लाल निशान से 24 सेमी ऊपर बह रही सरयू
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सरयू नदी लाल निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। मंगलवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की रिपोर्ट के अनुसार, नदी का खतरे निशान 92.73 मीटर है। नदी 92.97 मीटर पर बह रही है। पानी से घिरे करीब 300 की आबादी वाले गांव सुविखा बाबू में समस्याएं दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
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जलस्तर बढ़ने से तटबंध व नदी के बीच बसे आंशिक टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, खजांचीपुर गांव का एक पुरवा, भुअरिया, टकटकवा आदि गांवों ओर पानी तेजी से फैल रहा है। कटरिया-चांदपुर व गौरा- सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक पानी का तेज दबाव बना हुआ है। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबाध के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन तटबंध पर कोई खतरा नहीं है। हालात सामान्य बने हुए हैं।
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