बस्ती। पीडब्ल्यूडी के अधीन संपर्क मार्गों के निर्माण में सुरक्षा का ख्याल नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण अंचल की सड़कों पर अनियमितताएं खुलकर सामने आ रही है। नई तकनीक की सड़कों पर यात्रियों को पहले से भी ज्यादा खतरा हो गया है।
जलभराव वाले स्थान पर नौ इंच से लेकर एक फीट मोटाई में आरसीसी सड़क बनाई जा रही है। लेकिन, इनके दोनों किनारों पर पटरियां जस की तस स्थिति में छोड़ दी जा रही है, जिससे पटरी नीचे और सड़क ऊंची हो जा रही है। निर्माण के दौरान हो रही यह लापरवाही दुर्घटना का कारण बन रही है।
शहर के गांवगोड़िया मोहल्ले से चननी-डारीडीहा को जोड़ने वाली सड़क अभी हाल ही में बनकर तैयार हुई है। यहां सड़क और नाली निर्माण पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च हुए हैं। गांवगोड़िया मोहल्ले की सीमा से चननी तक जलभराव वाले क्षेत्र में लगभग 400 मी लंबाई में चार मीटर चौड़ी आरसीसी सड़क बनाई गई है।
इसकी ढलाई लगभग एक फीट मोटाई में की गई है। मगर दोनों किनारों को पहले की ही स्थिति छोड़ दी गई है, जिससे यहां आरसीसी सड़क से दोनों तरफ पटरी का हिस्सा एक फीट नीचा हो गया है। आवागमन के दौरान अचानक यदि किसी को पटरी पर साइड लेना पड़े तो यह संभव नहीं हो पा रहा है। वाहन के पहिए पटरी से गिरकर आरसीसी सड़क में फंस जा रहे हैं। बाइक एवं ऑटो सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। अभी एक महीने यह सड़क बनकर तैयार हुई है लेकिन, समस्या पहले से भी जटिल हो गई है। आरसीसी सड़क पर लोगों को संभलकर चलना पड़ रहा है। चार पहिया वाहन आने के दौरान पटरी नीचे होने के नाते आमने-सामने से दो वाहन नहीं निकल पा रहे हैं।