रुधौली। चीनी मिल के बजाज देवालय में छह दिवसीय स्थापत्य वास्तु कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन उत्तराखंड से आए आचार्य सुशील बलूनी ने दिशा ज्ञान, भूमि के प्रकार, अवस्था व ऊर्जा स्तरों की विस्तार से चर्चा की। कहा कि जीवन में गति से अधिक महत्वपूर्ण सही दिशा है।
आचार्य ने कहा कि भवन निर्माण में दिशाओं एवं कोणों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पद विन्यास, ब्रह्म स्थान व कोण तथा दिशा के हिसाब से किया गया निर्माण उत्तम भाग्य लेकर आता है। आपका भवन आपकी स्थान कुंडली है। यदि भवन वास्तु के अनुरूप बना हो तो जन्म कुंडली के दोषों का हरण करने वाला होता है। आचार्य ने बताया भूमि की दूषित अवस्थाओं जैसे कि सुप्त-मृत अवस्था अथवा अर्ध जागृत अवस्था में किया गया निर्माण कष्टकारी होता है। भवन का निर्माण अच्छे मुहूर्त में सदैव दक्षिणावर्त करना चाहिए।
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह, आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर जनार्दन, जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार, गन्ना विकास निरीक्षक वाल्टरगंज धर्मेंद्र, यूनिट हेड विवेक कुमार तिवारी, एचआर हेड एनके शुक्ला शुक्ला, डिस्टलरी हेड मिहिर कुमार नायर आदि उपस्थित रहे।