बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तीनों स्नातकोत्तर विद्यार्थियों का चयन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) की एमडी/एमएस थीसिस रिसर्च ग्रांट योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए हुआ है। इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को शोध कार्य के लिए एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।
चयनित विद्यार्थियों में डॉ. अपूर्वा मल्ल, डॉ. सचिन कुमार गुप्ता और डॉ. प्रीति नायक शामिल हैं। डॉ. अपूर्वा मल्ल और डॉ. सचिन कुमार गुप्ता माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अमित कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शोध कर रहे हैं। वहीं, डॉ. प्रीति नायक के शोध मार्गदर्शक सह-एचओडी डॉ. विनोद कुमार मौर्य हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह के अनुसार, डॉ. अपूर्वा मल्ल जनपद में डेंगू के मरीजों से संबंधित विषय पर शोध करेंगी। डॉ. सचिन कुमार गुप्ता नई दवाओं के प्रभाव और उनकी उपयोगिता का अध्ययन करेंगे। डॉ. प्रीति नायक मरीजों में पहले से चल रही दवाओं के प्रभाव से संबंधित विषय पर शोध करेंगी।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तीनों पीजी विद्यार्थियों का एक साथ राष्ट्रीय स्तर की शोध अनुदान योजना में चयन विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2025-26 में विभाग की पीजी छात्रा डॉ. वंदना गिरि का भी इसी योजना में चयन हुआ था। उन्होंने डॉ. अमित कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शोध अनुदान प्राप्त किया था।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार ने चयनित विद्यार्थियों और उनके शोध मार्गदर्शकों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को शोध कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उप प्रधानाचार्य डॉ. अनिल कुमार यादव ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियों से विद्यार्थियों में शोध के प्रति रुचि बढ़ती है और संस्थान में वैज्ञानिक एवं नवाचारपूर्ण वातावरण मजबूत होता है।