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किशोरी की हत्या और मतपेटिका लूट के आरोपितों पर रासुका

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किशोरी की हत्या और मतपेटिका लूट के आरोपितों पर रासुका
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बस्ती। नगर थानाक्षेत्र में 20 मार्च को किशोरी से दुष्कर्म की कोशिश में हत्या करने और 29 अप्रैल को कलवारी के डारीडीहा में पोलिंग बूथ पर मतपेटिका लूटने वाले दो आरोपितों पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। तीनों फिलहाल जेल में निरुद्ध हैं।
डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि डारीडीहा में मतपेटिका लूटने के आरोपित शत्रुघ्न और गुंजन तथा दुष्कर्म की कोशिश में गला घोंटकर हत्या करने के आरोपित संदीप निषाद पर यह कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 29 अप्रैल को मतदान के दिन 5.30 बजे डारीडीहा के केंद्र संख्या-41 के बूथ नंबर 108 में गुंजन प्रधान पद के प्रत्याशी अपने चाचा ऋषिकेश शुक्ला और दूसरे प्रत्याशी चंद्रदेव के साथ मिलकर बूथ में घुस गया। उसने और उसके साथी गौरव ने खाली मतपेटिका लूटी और गांव की ओर भाग गए। कुछ दूर पर स्थित तालाब में लूटी हुई खाली मत पेटिका को डाल दिया। इसके साथ के चंद्रदेव पांडेय और शत्रुघ्न ने भरी हुई मतपेटिका लूटी और मतदान केंद्र से बाहर लाकर जमीन पर पटक दिया। इससे निर्वाचन प्रक्रिया बाधित हो गई।
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इसके साथियों ने मतदान कर्मियों से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और सुरक्षाकर्मियों की वर्दी फाड़ दी। इन लोगों ने वहां अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। इस दुस्साहसिक कृत्य के कारण कानून एवं लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस विभाग की इस रिपोर्ट के आधार पर इन दोनों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए इन्हें जेल में रखे जाने का निर्देश पारित किया गया है।
ऐसे ही नगर थाना क्षेत्र के युवक संदीप निषाद पर आरोप है कि उसने 20 मार्च की सुबह लगभग 8.30 बजे किशोरी से दुष्कर्म करने का प्रयास किया। बहादुर किशोरी के प्रतिरोध के कारण सफल न होने पर उसने उसका गला घोंट दिया। किशोरी की मौत हो गई। इस घटना की खबर फैलने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई तथा लोक व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई। गांव के लोग अपने-अपने घर की महिलाओं और बच्चियों को घर में ही रखने के लिए मजबूर हो गए।
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आरोपित संदीप निषाद को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, पर आम जनमानस में यह धारणा है कि जमानत पर छूट के आने के बाद वह कोई भी दुस्साहसिक कृत्य कर सकता है। आमजन की सामान्य अपेक्षा यह है कि इस प्रकार के अभियुक्त को जेल से बाहर नहीं आने देना चाहिए। इस को ध्यान में रखते हुए संदीप निषाद को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जेल में ही रखे जाने का आदेश दिया गया है।
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