फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: पांच साल पहले दुष्कर्म, अब जेल से फोन पर सुलह के लिए धमकी

विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी रंजीत के कारनामे से पुलिस और जेल प्रशासन हैरत में है। जेल में बंद होने के दौरान पीड़िता के मोबाइल पर फोन करके उसके धमकी दिए जाने का मामला सभी को उलझाकर रख दिया है।
विज्ञापन

पुलिस और जेल प्रशासन दोनों स्तर से मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन का दावा है कि कैदियों को निजी स्तर पर मोबाइल उपयोग की सुविधा बिल्कुल नहीं दी जाती है। इसके बाद भी किस स्तर से चूक हुई, इसकी गोपनीय जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार जिस पीड़िता को जेल में निरुद्ध कैदी ने उसके मोबाइल पर धमकी दी वहीं मुकदमे की वादी भी है। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2021 में वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिकटा गांव के रहने वाले आरोपी रंजीत यादव ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस मामले में उसने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पिछले चार साल से दुष्कर्म के आरोप में वह जिला कारागार में बंद है।
विज्ञापन

न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई भी चल रही है। मामले से छुटकारा पाने के लिए आरोपी रंजीत जेल में बंद होने के दौरान 30 मार्च की सुबह 6:44 बजे पीड़िता के मोबाइल नंबर पर फोन किया।
पीड़िता के अनुसार आरोपी ने न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे में सुलह करने को लेकर दबाव बनाया। धमकी दी कि सुलह न करने पर स्कूल में पढ़ाई कर रहे उसके छोटे भाई को जान से मार डालेगा। हालांकि इस घटना के बाद पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपी रंजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दुष्कर्म के आरोपी कैदी रंजीत के पास जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंच गई। क्योंकि पीड़िता से उसके बातचीत का समय सुबह 6.44 बजे बताया गया है।
इस समय किसी कारण वश कैदी के जेल से बाहर होने की भी बात समझ से परे हैं। केवल तबीयत बिगड़ने की स्थिति में ही कैदी उस वक्त अस्पताल जाने के लिए बाहर निकल सकता है। कुल मिलाकर पुलिस को प्रथम दृष्टया यहीं प्रतीत हो रहा हैं कि आरोपी ने पीड़िता को जेल में रहते हुए फोन किया है।
बहरहाल इसके तस्दीक के लिए आरोपी ने मोबाइल नंबर 9289372099 का पीड़िता से बात करने में उपयोग किया था उसका लोकेशन, सीडीआर और नंबर की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। उधर, जेल प्रशासन भी इस घटना की जानकारी होने के बाद से हैरत में हैं। जेल अफसर भी गोपनीय ढंग से मामले की जांच शुरू कर दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा हैं कि कैदी तक मोबाइल कैसे पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें