मोर्चा के पदाधिकारियों ने जुलूस निकाल कर किया प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का मामूली असर, खुली रही दुकानें
जिले के प्रमुख बाजारों में सिर्फ जुलूस के दौरान बंद रहीं दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद का सोमवार को मामूली असर देखने को मिला। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में रोज की तरह की दुकानें खुलीं और चहल-पहल भी रही। सिर्फ जुलूस के दौरान थोड़ी देर के लिए दुकानें बंद रहीं। उधर मोर्चा के पदाधिकारियों ने शहर में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की और पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। जुलूस निकलने के दौरान रूट पर पड़ने वाली दुकानें कुछ देर के लिए बंद रहीं, लेकिन जुलूस के गुजर जाने के बाद फिर स्थिति सामान्य हो गई। कहीं से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं आई। बंद शांतिपूर्ण रहा।
बता दें कि तीनों कृषि कानूनों को रद किए जाने, एमएसपी की कानूनी गारंटी दिए जाने, प्रस्तावित बिजली विधेयक वापस लिए जाने के मुद्दे पर 10 माह से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में संयुक्त मोर्चे के आवाहन में सोमवार को भारत बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। सुबह दस बजते-बजते शहर के गांधीनगर समेत अन्य बाजारों में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गईं। दोपहर करीब 12 बजे संयुक्त मोर्चा के जुलूस के गुजरने के दौरान एहतियात के तौर पर बाजारों में दुकानदारों ने शटर गिरा लिए गए, लेकिन जुलूस के गुजरने के चंद मिनट बाद ही स्थिति फिर सामान्य हो गई। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन बस्ती इकाई की ओर से कामरेड सचिव रंजीत श्रीवास्तव, सीटू नेता कामरेड केके तिवारी, कामरेड वीरेंद्र कुमार मिश्र, राकेश कुमार उपाध्याय की अगुवाई में सीटू कार्यालय से न्याय मार्ग होते हुए रोडवेज, जिला अस्पताल चौराहा, दक्षिण दरवाजा, करूआ बाबा, रेलवे स्टेशन से रोडवेज तिराहे तक रैली निकाली गई।
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मोर्चा ने बंद को बताया सफल
बस्ती। संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने भारत बंद को सफल बताया है। भाकियू नेता दीवान चंद और सीटू नेता कामरेड केके तिवारी ने दावा करते हुए कहा कि भानपुर, रुधौली, हर्रैया तहसील में जहां भाकियू के नेतृत्व में बंदी की अपील करते विभिन्न संगठनों के लोग निकले, वहीं बस्ती सदर तहसील में भाकियू, सीटू सहित डेढ़ दर्जन संगठन सामूहिक रूप से सुबह आठ बजे से ही मोटरसाइकिल की टीम बंदी के लिए निकली। नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने न्याय मार्ग से सामूहिक पदयात्रा करते हुए बंदी को सफल बनाया। बंदी को समर्थंन देते हुए भागीदारी करने वालों में भाकियू, सीटू के अलावा यूपीएमएसआरए, किसान सभा, स्वराज इंडिया, आजाद समाज पार्टी, एआईएमआईएम, राष्ट्रीय लोक दल, आम आदमी पार्टी, मार्क्सवादी कंयुनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, खेत मजदूर यूनियन, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील कर्मचारी यूनियन, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति के नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।
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जाम में फंसे लोग
दोपहर में संयुक्त किसान के मोर्चा के बैनर तले निकाली गई रैली के दौरान लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ा। रोडवेज, गांधी नगर, कंपनी बाग पर लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई। रैली के रूट को देखते हुए यातायात पुलिस ने रोडवेज और कंपनी बाग से वाहनों को डायवर्ट भी किया, जिससे मालवीय रोड पर भी वाहन रेंग कर चले। वहीं, लोगों के शार्टकट से निकलने के चक्कर में गलियों में भी जाम की स्थिति रही।
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भाकियू टिकैत गुट ने पैदल मार्च कर ज्ञापन सौंपा
भानपुर। भाकियू संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के दौरान भानपुर में किसानों ने तहसील अध्यक्ष श्याम नरायन सिंह की अध्यक्षता में भानपुर रुधौली पड़ाव से तहसील मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाल कर नारेबाजी की। तहसील पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्रों वाला ज्ञापन तहसीलदार केशरी नंदन तिवारी को सौंपा। इस मौके पर राम प्रताप चौधरी, हृदयराम, रमेश चंद्र चौधरी, विजय बहादुर मौर्या, रामजीत, पिताबंर मौर्या, रामसूरत, राम भजन, जगदीश, उमेश तिवारी, सनेही सफायत अली और राम सुभग मौर्या शामिल थे।