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ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने रोकवाया खनन

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छावनी क्षेत्र में बालू खनन का विरोध करते ग्रामीण। - फोटो : BASTI
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ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने रोकवाया खनन
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छावनी थाना क्षेत्र के खेमराजपुर ग्राम पंचायत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। छावनी क्षेत्र के खेमराजपुर ग्राम पंचायत के बेतावा गांव में आवंटित बालू खनन पट्टे का रविवार को ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। खनन के विरोध में ग्रामीणों ने खनन स्थल के मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया।
ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला गंभीर होता देख मौके पर पहुंची छावनी पुलिस ने खनन कर रही मशीनों को बंद करवा दिया। पुलिस ने ग्रामीणों व लाइसेंसी दोनों पक्षों को थाने पर बुला लिया।
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बता दें कि सरयू नदी के किनारे खेमराजपुर ग्राम पंचायत के गैर आबाद गांव बेतावा में बालू खनन का पट्टा आवंटित हुआ है। रविवार को जब यहां बालू खनन के लिए मशीनें आदि पहुंचीं तो इसकी सूचना आसपास के ग्रामीणों को लगी। इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के करीब बालू खनन होने से नदी की धारा गांव की तरफ मुड़ जाएगी और गांव कटान की जद में आ जाएगा। इसे लेकर 15 दिन पूर्व खेमराजपुर, भौसिया, रैदासपुर, चंद्रपलिया के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रमुख कृष्ण कुमार सिंह व पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र प्रताप सिंह के साथ स्थानीय विधायक अजय सिंह को ज्ञापन देकर खनन कार्य को रोकवाने और पट्टा रद्द कराने की मांग थी, लेकिन बात नहीं बनी।
रविवार को जैसे ही फिर से काम शुरू हुआ ग्रामीण आक्रोशित हो उठे व एकजुट होकर इसका विरोध करने लगे। खेमराजपुर के ग्राम प्रधान फूलचंद्र यादव व पूरे चेतन ग्राम प्रधान की अगुवाई में खेमराजपुर गांव निवासी झिनकाई सिंह, वेतावा के शंकर सिंह, गणेश सिंह, सुनील सिंह, रामकेवल, कन्हईपुर के रामपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, जीत बहादुर, विपिन, राहुल, लाल साहब, हेमंत, विवेक तिवारी, साजन सिंह, अंकित सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण महिला व पुरुष बालू ढुलाई के मुख्य मार्ग पर एकत्रित होकर जनप्रतिनिधि और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
भाजपा नेता देवेंद्र सिंह ने बताया कि आबादी से सटे हिस्से में बालू खनन होने से खेमराजपुर, चंद्रपलिया, पूरे चेतन, लकड़ी दूबे सहित तटबंध और नदी के बीच बसे आधा दर्जन गांवों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विभाग की ओर से आवंटित खनन स्थल पर गैर कानूनी ढंग से बड़ी-बड़ी मशीनों से बालू खनन होने से सड़क के साथ-साथ बड़े पैमाने पर खेती योग्य जमीन बर्बाद हो जाएगी।
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थानाध्यक्ष छावनी रोहित उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए खनन रोकवा दिया गया है। आम सहमति के आधार पर ही खनन होगा। थानेदार ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी गई है।
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