बस्ती। यूपीआई से डिजिटल भुगतान करने वाले व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका से कारोबारी चिंतित हैं। त्योहारों के सीजन में 15 अक्तूबर से 2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने की घोषणा के बाद व्यापारियों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले से कम मार्जिन पर कारोबार कर रहे व्यापारियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ पड़ेगा। जिले में करीब पांच हजार ऐसे व्यापारी हैं जिनका प्रति व्यक्ति लेनदेन 2000 से ऊपर रहता है।
बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय शुल्क की व्यवस्था से छोटे और मध्यम कारोबारियों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। कारोबार में मुनाफे का मार्जिन पहले ही सीमित है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर एमडीआर का खर्च व्यापारी को वहन करना पड़ा तो कारोबार की लागत बढ़ेगी।