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Basti News: लोग समझ गए धंधेबाजों की करतूत, दूध से भी उठा भरोसा

Tue, 11 Mar 2025 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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गांधीनगर में रात को सज रही दूध की मंडी-
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। बाजार में बिक रहे पाम ऑयल वाले दूध से बने खोआ बेचने के धंधेबाजों का खेल उजागर होने के बाद लोग सतर्क हो गए हैं। रेडीमेड मिठाई और बाजार के खोआ का विकल्प तलाशने में जुटे हैं।
काफी लोग बाजार से दूध खरीदकर घर खोआ बनाने को तरजीह दे रहे हैं, मगर शुद्ध दूध की तलाश उनकी पूरी नहीं हो पा रही है। त्योहार की वजह से आम डेयरियों और पशु पालकों के यहां से जितने दूध का उत्पादन हो रहा है, उससे रोजमर्रा की जरूरत भी पूरी नहीं हो पा रही है।
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इन दिनों बाजार में पिकअप पर लादकर तमाम धंधेबाज दूध बेच रहे हैं। उनकी मंडी रात में लगती है। गांधीनगर, रोडवेज, टाउन क्लब के पास ऐसी कई गाड़ियां शाम को लग जाती हैं, जहां देर रात तक भरपूर दूध उपलब्ध रहता है। गाय का दूध 50 और भैंस का दूध बताकर 60 रुपये बेचा रहा है। तुरकहिया मोड़ के सामने लग रही ऐसी ही दुकान पर दूध 55 और 65 रुपये लीटर बेचा रहा है।
इसके बावजूद उस दूध पर किसी को भरोसा नहीं रहा। कारण यह कि अधिकतर ऐसे धंधेबाज दूध से क्रीम और फैट निकालकर पहले उसे खोखला करते हैं और उसकी भरपाई के लिए और फैट की मात्रा दिखाने के लिए पाम ऑयल मिला रहे हैं। जानकार बताते हैं कि दूध से फैट और क्रीम निकालने से उतना नुकसान नहीं है, जितना उसमें पाम ऑयल मिला देने से है।
होली पर घर-घर में गुझि़या बनाई जाती है। इसके लिए लोग बाजार से खोआ खरीदकर उसमें भरते हैं, मगर लगातार मिलावटी और लावारिस खोआ पकड़े जाने के बाद लोग डर गए हैं।
पशुपालक के यहां शुद्ध दूध 60 रुपये लीटर मिल रहा और बाजार में खोआ 250 रुपये किलो बिक रहा है। जबकि एक लीटर शुद्ध दूध से महज 200 से 250 ग्राम खोआ तैयार होता है। गैस एवं मजूदरी का खर्च जोड़ लिया जाए तो एक किलो शुद्ध खोआ की लागत सिर्फ 300 रुपये है। मुनाफा जोड़ने पर इसकी कीमत और बढ़ जाएगी।
जबकि बाजार में ढाई सौ रुपये में खोआ भरपूर उपलब्ध है। पिकौरा दत्तूराय के केशव राम बताते हैं कि जितनी मात्रा में पनीर बिक रही है, उतने मात्रा में दूध का उत्पादन ही नहीं है। चार लीटर दूध फाड़ने पर करीब 900 ग्राम पनीर तैयार होता है। अपने जिले में बड़ा डेयरी उद्योग नहीं है।
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फिर भी 10 से 15 क्विंटल पनीर की खपत रोजाना है। इससे स्पष्ट है कि बिना मिलावट के दूध से बने इन उत्पादों की मांग नहीं पूरी की जा सकती है।
14 कारोबारियों पर लगे थे जुर्माने ःदुध-पनीर समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 14 कारोबारियों के नमूने फेल पाए जाने पर केस दर्ज हुआ था। हाल ही में एडीएम न्यायालय में सुनवाई के दौरान इन कारोबारियों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
बावजूद इसके खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे मिलावटी उत्पादों की बिक्री पर कोई ठोस रोकथाम नहीं कर सका हैं।
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