संवाद न्यूज एजेंसी
मदनपुर। 10 दिन पहले सेमरा पुल से राप्ती नदी में छलांग लगाने की धमकी देने का वीडियो वायरल कर फरार पवन का पता चल गया है। वह देवरिया मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बाद डिस्चार्ज हो गया है।
पुलिस को इलाज कराते हुए उसके भाई के साथ वीडियो फुटेज मिली है। पुलिस उसके तलाश में मेडिकल कॉलेज गई थी, पर वहां से वह डिस्चार्ज होकर चला गया था। मेडिकल कॉलेज के मरीज भर्ती रजिस्टर में उसका नाम दर्ज है।
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के चिलवन मोहान गांव का रहने वाला पवन 17 मार्च को मदनपुर थाना क्षेत्र के सेमरा स्थित पक्का पुल से नदी में कूदने का वीडियो बनाकर फरार हो गया था। परिवार वालों को वीडियो भेज कर वह 10 दिन से पुलिस और परिजनों को चकमा दे रहा था।
परिवार वालों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को पुल पर पवन का मोबाइल और चार पहिया वाहन मिला था। वह चाचा के चार पहिया वाहन से सेमरा पुल पर पहुंचा था।
स्थानीय गोताखोरों से राप्ती नदी में तलाश करने पर जब उसका कहीं पता नहीं चला तो मदनपुर पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम बुलाई। दो दिन तक टीम मोटर वोट लेकर नदी को मथती रही। अंततः टीम वापस चली गई।
बुधवार को मदनपुर पुलिस को किसी ने पवन के मेडिकल कॉलेज देवरिया में भर्ती होने की सूचना दी। पुलिस की छानबीन में पता चला है कि वह रात 12:30 बजे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती था। सुबह डॉक्टर ने उसे मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। जब पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची तो वह मेडिसिन वार्ड से डिस्चार्ज हो गया था। पुलिस को इलाज कराते हुए उसका और उसके भाई का वीडियो मिला है।
मदनपुर के कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पवन के सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है। वह 10 दिन से परिजनों को चकमा दे रहा था। वह इससे पहले भी जान देने की नाटक कर चुका है। जांच में यह भी पता चला है कि वह ऑनलाइन मार्केटिंग करता था। उसके जालसाजी के कई कारनामे उजागर हो रहे हैं।