बस्ती। दुर्गापूजा और दशहरा पर्व की आहट के साथ ही ट्रेनों में यात्रियों का दबाव बढ़ने लगा है। दिल्ली, मुंबई, लुधियाना और कोलकाता समेत महानगरों में रहने वाले लोग त्योहार पर घर लौटने के लिए ट्रेनों में सीट बुक करा रहे हैं। 11 अक्तूबर से नवरात्रि शुरू होने के मद्देनजर अप और डाउन दिशा की ट्रेनों में एक माह पहले से ही लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनें 19-20 अक्तूबर तक नो रूम हो चुकी हैं।
कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह दस बजे तत्काल टिकट की बुकिंग शुरू होते ही रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनों के जनरल कोच में चढ़ने के लिए भी यात्रियों में धक्का-मुक्की की स्थिति बन रही है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार 18 अक्तूबर को दिल्ली, मुंबई और लुधियाना से आने वाली अधिकांश एक्सप्रेस ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। जम्मूतवी-गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 18 अक्तूबर तक नो रूम है। रेलवे के अनुसार अगले कुछ दिनों में एसी कोच भी फुल होने की संभावना है। वैशाली सुपरफास्ट, गोरखधाम, हमसफर, कुशीनगर और बांद्रा एक्सप्रेस में भी कंफर्म टिकट के लिए मारामारी है।
कुशीनगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 18 अक्तूबर को मुंबई से आने वाले यात्रियों के लिए स्लीपर में 80, थर्ड एसी में 72, सेकंड एसी में 31 और फर्स्ट एसी में छह वेटिंग है। 25 अक्तूबर तक कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर में 73, थर्ड एसी में 52 और सेकंड एसी में 18 वेटिंग चल रही है। अवध एक्सप्रेस के स्लीपर में 57, थर्ड एसी इकोनॉमी में 21, थर्ड एसी में 23, सेकंड एसी में नौ और फर्स्ट एसी में चार वेटिंग है। लुधियाना से आने वाली जम्मूतवी-गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर में जगह नहीं है। वहीं दिल्ली से बस्ती होकर सहरसा जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस में पूरे अक्तूबर में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है।
त्योहारों के मद्देनजर रेलवे प्रशासन की ओर से विशेष पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की पूरी तैयारी की जा रही है। जरूरत के हिसाब से कई स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए जाएंगे। स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
- सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर