पैकोलिया। थाना क्षेत्र के जीतीपुर गांव के परी हत्याकांड में नामजद 11 आरोपियों में से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद हो गया है। घटना में शामिल अन्य छह आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
जीतीपुर गांव में 10 धुर जमीन के झगड़े में 15 जून को दिनदहाड़े 14 वर्षीय परी श्रीवास्तव की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतका के पिता अतुल श्रीवास्तव के भांजे अंशू की तहरीर पर 11 नामजद कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या सहित सहित अन्य धाराओं नामजद केस पंजीकृत किया था। पुलिस अधिकारियों के द्वारा की गई गठित टीम ने अलग-अलग स्थानों से पांच लोगों में अमरनाथ वर्मा, दूधनाथ वर्मा, राजेन्द्र वर्मा को रात 11 बजे गोपालपुर प्राथमिक विद्यालय के पास से पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया। दूधनाथ की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अदद चाकू तथा अमरनाथ के निशानदेही चार अदद लाठी डंडा बरामद किया है। वहीं अमरनाथ की पत्नी कुसुम तथा दूधनाथ की पत्नी फूल कुमारी को परशुरामपुर रोड पर गुलरिहवा मस्जिद के पास से गिरफ्तार किया।
तहरीर में बताया गया है कि 13 जून को थाना समाधान दिवस में भूमि विवाद के पुराने मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी। उनके मामा अतुल कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्व. वेदप्रकाश और आरोपी अमरनाथ वर्मा के मौजूदगी में राजस्व और पुलिस टीम ने पैमाइश करके सीमांकन किया और खूंटा गड़वाया था। आरोप है कि रविवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे अमरनाथ वर्मा खूंटा उखाड़ने लगे, जिस पर अतुल श्रीवास्तव ने ऐसा करने से मना किया। आरोप है कि इसी बात पर अमरनाथ वर्मा, दूधनाथ वर्मा, सुमन वर्मा, अंशिका वर्मा पुत्री अमरनाथ, मिथलेश उर्फ बिट्टन पुत्री राम करन, कुसुम पत्नी अमरनाथ, शिवकुमारी पत्नी राम करन, फूलकुमारी पत्नी दूधनाथ, नीरज पुत्र अज्ञात (अमरनाथ का भांजा), शिक्षा वर्मा पुत्री दूधनाथ, राजेन्द्र पुत्र राम-लखन निवासी जीतीपुर और कुछ अज्ञात लोगों ने मामा, मामी, नानी और ममेरी बहन सिद्धी श्रीवास्तव उर्फ परी को घेर कर लाठी, डंडा व राड से हमला कर दिया। अमरनाथ वर्मा व दूधनाथ वर्मा ने उसकी ममेरी बहन सिद्धी श्रीवास्तव उर्फ परी को चाकू मार दिया। उसे लाठी-डंडे से भी मारापीटा, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। जबकि अतुल श्रीवास्तव, अंशिला श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव और अंशू गंभीर रूप से हो गए थे।