फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैरान कर रही गर्मी, पारा 40 के पार

विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम : परेशान कर रही गर्मी, पारा 40 के पार
विज्ञापन

दो दिन से लू की चपेट में जनजीवन, राहत के आसार नहीं
40 डिग्री अधिकतम, 20 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अप्रैल के पहले सप्ताह में बेतहाशा बढ़ी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है जो औसत तापमान सामान्य से चार-पांच डिग्री सेल्सियस ऊपर है। दो दिनों से गर्म पछुवा हवाएं लू का अहसास कराने लगी हैं। जानकारों का मानना है कि इसमें आने वाले दिनों में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
हैरान कर देने वाले मौसम के इस तेवर का लोगों की सेहत पर तो असर देखा ही जा रहा है, इससे फसलों की भी हालत पतली हो गई है। किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं और जौ की फसलों की पैदावार घट सकती है। दाने मजबूत होने से पहले ही बालियां सूख गई हैं। जिससे 15 से 20 फीसदी पैदावार कम होगी। दानों की साइज और चमक भी गायब हो चुकी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अप्रैल भर तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमर नाथ मिश्र ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। इसी तरह न्यूनतम तापमान 20 डिग्री पर पहुंचा। जो सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। कृषि के जानकारों का कहना है कि सब्जियों की फसलों की समय-समय पर सिंचाई करते रहें। पशुओं को दिन में दो-तीन बार पानी अवश्य पिलाते रहें।
विज्ञापन

इस तरह सेहत का रखें ख्याल
- बदलते मौसम में इन दिनों सर्दी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन का कहना है कि जिन लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियां जल्दी होती हैं, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए दिन में एक या दो बार ग्रीन या ब्लैक टी का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा विटामिन डी और सी युक्त पदार्थ जैसे नींबू और आंवले का सेवन करें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गौड़ का कहना है कि मौसम में परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव छोटे बच्चों पर पड़ता है। बच्चे ठंडी चीजों का सेवन करते हैं और ठंडे पानी से नहाते हैं। इससे वे जल्दी खांसी, जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
--
क्या हैं लक्षण
- बेहोशी आना, तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, उलटी आना, चक्कर आना, दस्त, सिरदर्द, शरीर टूटना, बार-बार मुंह सूखना और हाथ-पैरों में कमजोरी आना या निढाल होना लू लगने के लक्षण हैं। लू लगने पर काफी पसीना आ सकता है या एकदम पसीना आना बंद भी हो सकता है।
विज्ञापन

--------------
लू से बचने के उपाय
- खुले शरीर धूप में न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो धूप में निकलने पर सिर अवश्य ढंके। अचानक ठंडी जगह से एकदम गर्म जगह ना जाएं। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। लू लगने पर तत्काल योग्य डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बुखार तेज होने पर रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें