बस्ती। जिले में जल संरक्षण के लिए शासन से पहल हुई है। जल संरक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को भी सूचीबद्ध करने के लिए कहा गया है। यदि रैंकिंग बेहतर आई तो उसके आधार पर उन्हें पुरस्कार मिलेगा। मनरेगा और लघु सिंचाई विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जल संचयन व संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को पहली बार राज्य भूजल पुरस्कार दिया जाएगा। जिले के इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं निर्धारित प्रारूप और जेएसआईबी 2.0 पोर्टल पर आवेदन पत्र भरकर भूगर्भ जल विभाग बस्ती को भेज सकती हैं। इस बाबत भूगर्भ जल विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक आईएएस डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने पत्र जारी किया है। उन्होंने जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2025 के तहत जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी-2.0) पहल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनपदों एवं हितधारकों के लिए प्रोत्साहन योजना से आच्छादित करने के लिए निर्देशित किया है।
सहायक अभियंता भूगर्भ जल विभाग इं. गरिमा द्विवेदी का कहना है कि वर्षा जल संचयन, भूगर्भ जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले एक व्यक्ति अथवा संस्था का चयन करके उन्हें राज्य भूजल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। लगातार गिरते भूजलस्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन के लिए शासन स्तर से सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
भूगर्भ जल संरक्षण के लिए चलने वाला अभियान तभी साकार होगा जब आम जनमानस इसके महत्व को समझेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के सभी उपायों में लोगों को सकारात्मक भागीदारी निभानी होगी। जल संरक्षण में सहभागिता बढ़ाने और लोगों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से शासन की ओर से इस दिशा में उत्कृष्ट काम करने वाले एक व्यक्ति अथवा संस्था का चयन करके उन्हें प्रथम भूजल पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
जोन स्तर पर दो लाख जबकि अन्य स्तर पर एक लाख, 25 हजार, 10 हजार और पांच हजार रुपये प्रोत्साहन पुरस्कार मिलेगा। बताया गया कि विभागीय वेबसाइट से आवेदन डाउनलोड करके कार्यालय में भी जमा कर सकते हैं। सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग विकास भवन बस्ती से भी संपर्क स्थापित कर सकते हैं। प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों को डीएम से संस्तुति कराकर लखनऊ भेजा जाएगा। इसमें मनरेगा विभाग से भी संपर्क स्थापित करने के लिए कहा गया है।
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पांच संरचनाएं हर ग्राम पंचायत में बनाने का लक्ष्य
जनपद में 3348 गांव हैं। इसमें पांच 16740 संरचनाएं प्रति पांच गांव के हिसाब से हैं। इसमें 12 गांव ने पोर्टल पर आवेदन कर दिया है। 29 संरचना पर कार्य चल रहा है। कुल 41 काम चल रहा है।
कोट
जल संरचना की सूचना भू-गर्भ जल विभाग से मांगी गई है। उसी आधार पर पंचायतों की सूची पोर्टल पर दर्ज कराई जा रही है।
-संजय शर्मा, डीसी मनरेगा, बस्ती।