महिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बच्चे की जांच करते डॉ. पंकज शुक्ल संवाद
बस्ती। इन दिनों नवजात में पीलिया का खतरा बढ़ गया है। इसके पीछे गर्भवतियों की ठीक से देखभाल न होना भी कारण बताया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड पीलिया से पीड़ित शिशुओं से भर गया है। यहां 17 बच्चे वर्तमान में भर्ती हैं। इनके इलाज में दवाओं के साथ फोटोथैरेपी ज्यादा कारगर साबित हो रही है।
पीलिया से ग्रसित नवजात बच्चों की संख्या बढ़ने पर कभी-कभी एसएनसीयू वार्ड के एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए जाते हैं। उनकी फोटोथैरेपी की जा रही है। महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में कुल 18 बेड उपलब्ध है। बुधवार को 17 नवजात भर्ती किए गए थे। इसमें छह पीलिया से पीड़ित थे। वहीं पांच कम दिन के नवजात थे। अन्य बच्चे विभिन्न बीमारियों से पीड़ित बताए गए।
राउंड पर पहुंचे बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. पंकज ने बताया कि माताएं गर्भ धारण के दौरान यदि सजग रहे तो बच्चों में पीलिया की शिकायत नहीं आएगी।
ओपीडी में अधिकांश बच्चे वायरल के आए। बताया कि 100 बच्चों में 60 प्रतिशत में सीने में जकड़न और सांस में तकलीफ लिए पहुंचे थे। बताया कि मौसम काफी ठंडा है, ऐसे में बच्चों में संक्रमण की शिकायत अधिक आ रही है। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि जांच से लेकर दवा आदि की सुविधा उपलब्ध है।
जिला की ओपीडी में जांच को पहुंचे 513 मरीज : जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को जांच के लिए 513 मरीज पहुंचे। सर्वाधिक रोगी मेडिसिन विभाग में पहुंचे। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि संक्रमण वाले मरीज अधिक थे। ठंड के कारण बुजुर्गों में सांस और जकड़न की शिकायत थी।